फर्रुखाबाद। दिल्ली से छतों पर यात्रियों से फुल रोडवेज बसें शनिवार को यहां पहुंचीं, तो बस स्टैंड पर मारामारी की नौबत आ गई। पूरा परिसर यात्रियों से खचाखच भर गया। सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) की परवाह न करते हुए क्वारंटीन प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ी। दोपहर में पुलिस प्रशासन को होश आया, तो यात्रियों को गंतव्य तक भेजने की व्यवस्था की गई। डीएम-एसपी, सिटी मजिस्ट्रेट ने यात्रियों के हालचाल जाने और बसों की व्यवस्था कराई। अपराह्न ढाई बजे तक यात्रियों को गंतव्य तक भेजा जा सका। इस दौरान एक-एक बस में सौ-सौ यात्रियों को भरकर भेजा गया। इस दौरान निजी बसें स्टैंड के अंदर से भरी गईं।
गाजियाबाद से शनिवार सुबह चार बजे से ही बसों का आना रोडवेज पर शुरू हो गया था। जो भी बसें आईं, उन्होंने हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, कानपुर, इटावा, मैनपुरी आदि के महिला-पुरुष यात्रियों को बस स्टैंड पर ही उतार दिया। इसके बाद वापस हो गईं। इससे बस स्टैंड पर यात्रियों की मारामारी हो गई। हजारों की संख्या में यात्री भरे होने से चंद पुलिस कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। अपराह्न 11 बजे तक यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। 12 बजे के करीब कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय पहुंचे। उन्होंने यात्रियों को एक-एक मीटर दूरी पर खड़ा कराया। यात्रियों के हाथों को सैनिटाइज करवाया और बिस्कुट आदि वितरित किए। इसके बाद सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड पहुंचे।
डेढ़ बजे के करीब डीएम मानवेंद्र सिंह, एसपी डा. अनिल मिश्र और सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य पहुंचे। इससे पहले कुछ बसों को गैरजिलों के लिए भेजा जा चुका था। फिर भी यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा देख, रोडवेज की 35 बसों को निकलवाकर भेजा गया। इन बसों में काफी कोशिशों के बावजूद छतों तक यात्री भरकर रवाना हुए। अफसरों ने खुद खड़े होकर निजी बसों को छतों तक भरवाकर भेजा।
रोडवेज बसें न हुईं सैनिटाइज, न मिले मॉस्क
निगम के सख्त निर्देश हैं कि कोई भी बस यात्रियों के प्रयोग में आने से पहले उसे सैनिटाइज कराया जाएगा। यही नहीं स्टाफ को मॉस्क दिए जाएंगे। मगर करीब 35 बसों को निकाला गया, इन्हें न तो सैनिटाइज किया गया और न ही स्टाफ को मॉस्क उपलब्ध करवाए गए। स्टाफ ने अपने स्तर से ही मॉस्क की व्यवस्था कर रिस्क लेकर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचाया।
‘करीब 35 बसें दिल्ली जा चुकी हैं। लोकल रूटों पर डीएम के आदेश पर बसें उपलब्ध करवा रहे हैं। सभी बसों को सैनिटाइज किया जा रहा है। स्टाफ का पूरा खयाल रखा जा रहा है।’
-गौरीशंकर, बस स्टेशन प्रभारी।