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तनाव के बीच स्तूप और बिसारी देवी की पूजा

Tue, 27 Oct 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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संकिसा। कड़ी सुरक्षा के बीच मंगलवार को बुद्धिस्टों ने स्तूप और सनातनियों ने स्तूप के ऊपर बिसारी देवी की पूजा की। बुद्धिस्टों की शोभायात्रा के दौरान स्तूप की चहारदीवारी के पीछे से नारे लगाए गए। इन्हें पीएसी ने दूर तक खदेड़ दिया। पूजा के बाद बुद्धिस्टों को पुलिस परिसर से बाहर निकालने लगी। इस दौरान बुद्ध अनुयायियों ने विरोध किया। इस पर बुद्धिस्टों की पुलिस से मुंहाचांही हुई। दोनों धड़ों की पूजा के बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। 
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मंगलवार को भी स्तूप पूजा के लिए भारत के कई हिस्सों के अलावा विदेशी बुद्ध अनुयायी समेत करीब 15 हजार लोग पहुंचे। सुबह 8.30 बजे संकिसा तिराहे से बुद्ध शोभायात्रा शुरू हुई। यात्रा स्तूप के मेनगेट पर पहुंची तो सनातनी पीछे से नारेबाजी करने लगे। टकराव की आशंका से पुलिस व पीएसी ने नारे लगाने वालों को खदेड़ दिया। भिक्षु नंदा, उपनंद, नंदरतन, धम्म पाल, मेत्ताबोधि ने धम्म पूजा करवाई। इन्होंने प्रवचन भी किए।

स्तूप पूजा के बाद पुलिस बुद्धिस्टों से परिसर खाली करने के लिए एनाउंस करने लगी। इस पर अलीगंज से आए बुद्धिस्ट जयवीर सिंह एडवोकेट की मेरापुर थानाध्यक्ष केबी सिंह से मुहांचांही हुई। बाद में कायमगंज सीओ प्रकाश कुमार व सदर तहसीलदार ने मामला रफा दफा किया।
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इस दौरान बुद्ध महोत्सव के संयोजक कर्मवीर शाक्य, इटावा विधायक रघुराज शाक्य, सीमा शाक्य, सुरेश बौद्ध, तीर्थराज बौद्ध, नागेंद्र शाक्य, प्रशांत बौद्ध, सुभाष बौद्ध, मां बिसारी देवी सेवा समिति के अध्यक्ष अतुल दीक्षित, अनिल चतुर्वेदी, दिलीप दीक्षित, आशुतोष, शिवनंदन, राजाराम, रामप्रकाश सक्सेना, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।
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