फर्रुखाबाद। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जिले की दो नगर पालिका और सात नगर पंचायतों में प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। इनमें किसी भी सीट से मुस्लिम प्रत्याशी नहीं उतारा। इससे साफ है कि बसपा ने मुस्लिमों से अपने आपको दूर कर लिया है।
बसपा नगर पालिका फर्रुखाबाद से वत्सला अग्रवाल, नगर पंचायत शमसाबाद से रीता दुबे, नवाबगंज से पुष्पेंद्र पाल, खिमसेपुर से विनीता पाल, संकिसा से रामायणश्री की टिकट पहले ही घोषित कर चुकी थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देश पर जिलाध्यक्ष नगेंद्र पाल सिंह जाटव ने सोमवार को कायमगंज नगर पालिका से अभिषेक उर्फ दीपक राठौर, नगर पंचायत कमालगंज से अनीता देवी, मोहम्मदाबाद से सुशील कुमार, कंपिल से अशोक कुमार मौर्य को प्रत्याशी होने की घोषणा की। इससे साफ हो गया कि बसपा का मुस्लिमों से मोहभंग हो गया। यही वजह रही कि एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दी गई है।
इसके अलावा मुस्लिमों को सबसे अधिक अपना मानने वाली समाजवादी पार्टी ने भी एक मात्र शमसाबाद सीट से सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी की पत्नी जोया शाह को प्रत्याशी बनाया है। अन्य किसी भी निकाय में अध्यक्ष पद की टिकट मुस्लिम को नहीं मिल सकी। हालांकि मुस्लिम समाज को यह उम्मीद थी कि बसपा भी एक-दो प्रत्याशी जरूर उतारेगी।
कांग्रेस ने सबसे अधिक दो निकायों में मुस्लिम प्रत्याशियों को टिकट दिया है। इनमें फर्रुखाबाद नगर पालिका से मुमताज बेगम और कायमगंज से मोहम्मद सरवर हुसैन को मैदान में उतारा है। अब देखना यह है कि यह प्रत्याशी समाज के कितने वोट हासिल करने में कामयाब होते हैं।