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बीएसए के सामने गालीगलौज

Tue, 25 Oct 2016 12:06 AM IST
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
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बीएसए के सामने भिड़ते विजय बहादुर व लक्ष्मण सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों व कर्मचारियों के लापरवाहीपूर्ण रवैए के विरोध में सर्वोदय मंडल के महामंत्री बीएसए कार्यालय पहुंचे । वहां मौजूद शिक्षक नेता को दलाल कहने पर वह भड़क गए। इस पर दोनों लोगों में जमकर गालीगलौज हुई । मामला इतना बढ़ा कि दोनो में हाथापाई की नौबत आ गई। जैसे-तैसे बीएसए के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।  सेवानिवृत्ति शिक्षक की मौत के छह माह गुजर जाने के बाद भी विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से पीपीओ जारी नही किया जा रहा था।
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इसके लिए पीड़ित बुजुर्ग महिला को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। सर्वोदय मंडल के मंडल महामंत्री लक्ष्मण सिंह दोपहर बाद बीएसए कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने बीएसए संदीप चौधरी को शिकायती पत्र दिया। शिकायती पत्र में कहा गया कि हरिप्रसाद बढ़पुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरौन में तैनात थे। सेवानिवृत्ति के बाद 19 अप्रैल को उनका देहांत हो गया। पारिवारिक पेंशन के लिए उनकी पत्नी कमला देवी पिछले छह माह से विभाग के चक्कर लगा रही हैं।

उन्होंने 4 अप्रैल को वरिष्ठ कोषाधिकारी के माध्यम से बीएसए को पीपीओ जारी करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। विभागीय अध्किारियों और कर्मचारियों ने छह माह तक पीपीओ जारी नहीं किया। इसके साथ ही कई शिक्षक व शिक्षिकाओं को न तो वेतन मिल रहा और न ही पेंशन। उसी समय शिक्षक नेता विजय बहादुर यादव भी बीएसए के कमरे में पहुंच गए। उन्होंने लक्ष्मण सिंह से कहा कि यह विभागीय मामला है। इसमें उनका हस्तक्षेप बर्दाश्त नही किया जाएगा।
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इतनी बात सुनते ही लक्ष्मण सिंह ने कमरे में मौजूद शिक्षकों के सामने विजय बहादुर से कहा कि तुम दलाल हो दलाली करते रहो। यह सुनकर विजय बहादुर भड़क गए और दोनों में विवाद होने लगा। मामला हाथापाई तक पहुंच गया । तब बीएसए संदीप चौधरी ने हक्ष्तक्षेप कर मामले को शांत करवाया। इसके तुरंत बाद ही बीएसए संदीप चौधरी ने संबंधित लिपिक से पीपीओ आदेश जारी करने का आदेश दिया। लिपिक ने मृतक शिक्षक के पुत्र विक्रांत सिंह को पीपीओ जारी कर दिया।

विक्रांत सिंह ने बताया कि लगभग छह माह से उसे विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। विभागीय कर्मचारी सेवा पुस्तिका न मिलने की बात कह कर चलता कर देते थे। बीएसए संदीप चौधरी ने बताया कि सत्र लाभ के मामले में प्रधान लिपिक संजय पालीवाल को कार्रवाई के लिए लिख दिया गया है।
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