फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकानों पर गिरी ब्रिटिश काल की गुम्बद, हादसा टला

विज्ञापन
नगर पालिका के पास गुंबद गिरने से क्षतिग्रस्त हुआ मकान व खड़े परिजन। - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
ब्रिटिशकालीन गुंबद मकानों पर गिरा, हादसा बचा
विज्ञापन

फर्रुखाबाद। नगर पालिका दफ्तर के सामने ब्रिटिशकाल का जर्जर एक गुंबद सोमवार सुबह ढह गया। गुंबद का मलबा नीचे बने दो मकानों पर गिरा। गनीमत रही कि मकानों के आंगन में सो रहे परिजन बाल-बाल बच गए। दोनों मकानों में टिनशेड, शौचालय आदि जमींदोज होे गए।
सोमवार सुबह करीब पांच बजे नगर पालिका के सामने बना सैकड़ों साल पुराना एक गुंबद अचानक ढह गया। इसका मलबा मऊदरवाजा थाने के सामने बने दो मकानों पर गिरा। घटना के समय नरेंद्र शर्मा पुत्र शंकर लाल के परिवार के सात लोग घर में ही थे। सभी कमरों में सो रहे थे। नरेंद्र और उनकी पत्नी पिंकी ने बताया कि जब उनके मकान के ऊपर मलबा गिरा, तो वह लोग गहरी नींद में थे। भागकर निकले, आंगन और छत पर ईंट-पत्थरों का ढेर था। बच्चों को बाहर भगा दिया।
विज्ञापन

पास में ही दिव्यांग कल्लू मंसूरी के परिवार में पांच लोग आंगन में सो रहे थे। गुंबद का मलबा जिस तरफ गिरा, उस तरफ शौचालय, बाथरूम और कुछ जगह में टिनशेड पड़ा था। यह पूरा परिसर मलबे के चपेट में आकर जमींदोज हो गया। कल्लू ने बताया कि हादसे के वक्त उन्हें लगा कि भूकंप आ गया। पूरा परिवार शोर मचाता हुआ सड़क पर आ गया। कुछ ही देर में पता चला कि गुंबद गिर गया है। देखा तो उनका काफी नुकसान हो चुका था। सूचना मिलते ही मऊदरवाजा थाने की पुलिस ने मौका मुआयना किया।
विज्ञापन

बारिश में ढह सकती है ऊंचाई की मिट्टी
जिस स्थान पर गुंबद बना था, वहां अभी भी कंकरीट, ककइया ईंटों व मिट्टी का ऊंची टीला सा है। काफी मकान नीचे बने हुए हैं। यदि बारिश हुई, तो इसमें फिर से मिट्टी गिरने का डर बना हुआ है। इससे लोग आशंकित हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें