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ईंट-भट्ठे में घुसे एक की परिवार के चार श्रमिकों की मौत

Tue, 09 Feb 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। ईंट भट्ठा में आग डालने के बाद चेंबर में बारी-बारी से घुसे एक ही परिवार के चार श्रमिकों की मंगलवार देर शाम मौत हो गई। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंच कर जायजा लिया। पुलिस ने भट्टा मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
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थाना कंपिल क्षेत्र के गांव दारापुर निवासी अरुण दुबे का ब्राहिमपुर में ईंट-भट्ठा है। मंगलवार को भट्ठे की शुरुआत हुई। आग डालने के बाद गांव दारापुर निवासी श्रमिक गजराज बाथम (50) चेंबर में घुसा तो फिर बाहर नहीं मिला। इस पर उसका बेटा सिंटू (35) भी चेंबर में घुस गया। वह भी बाहर नहीं निकला तो गजराज के भाई ब्रजवासी (65) अंदर घुसे। जब वह भी काफी समय तक बाहर नहीं निकले तो उसका बेटा धनीराम (40) अंदर घुसा, लेकिन वह भी बाहर नहीं निकला। एक के बाद एक चार मजदूरों के बाहर न निकले पर वहां मौजूद भट्ठा मालिक अरुण दुबे ने चेंबर की दीवारों को तुड़वाया। चारों पड़े मिले।

आनन-फानन में चारों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। सीएमएस डा. राजवीर शाक्य का कहना है कि चारों की मौत की वजह जहरीली गैस हो सकती है। पोस्टमार्टम के बाद स्थिति साफ होगी। सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी प्रकाश कुमार और कोतवाल यतेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और भट्टा मालिक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
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भट्ठा मालिक का कहना है कि आग डालने के बाद चेंबर में घुसा गजराज बाथम वापस नहीं आया तो उसका बेटा और फिर भाई व उसका बेटा अंदर घुस गया। देर रात जिलाधिकारी एसके सिंह व पुलिस अधीक्षक राजेश कृष्ण भी मौके पर पहुंचे। गजराज की पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि पूरा परिवार ईट भट्ठे पर ही आश्रित था। धनीराम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था।
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