थाना जहानगंज के बाहर खड़ा दूल्हा सुभाषचंद्र।
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पड़ोसी जिला मैनपुरी से आई बारात दुल्हन की विदाई न होने पर थाने पहुंच गई। शादी के बाद दुल्हन के रिश्तेदारों ने दूल्हे को विकलांग व मानसिक बीमार बता दिया और विदा करने से इनकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक बारात थाने के बाहर डेरा डाले हुए है।
मैनपुरी जिले के थाना भोगांव के गांव जसवंतपुर के रहने वाले सुभाषचंद्र पुत्र वीरभान की बारात बुधवार रात थाना जहानगंज के गांव बहोरा निवासी जय सिंह के यहां आई थी। जय सिंह की बेटी शिवानी के साथ बाकायदा शादी की सभी रस्म अदायगी के बाद सुभाषचंद्र का विवाह संपन्न हुआ।
विवाद संपन्न होने के बाद लड़की के मामा अजगरदादा और मौसा अमर सिंह ने दूल्हा को विकलांग और मानसिक रोगी बताकर विदा कराने से इनकार कर दिया। काफी देर तक गांव के भले लोग पंचायत करते रहे लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला।
इस पर दूल्हा समेत बाराती थाना जहानगंज पहुंचे और उन्होंने तहरीर दी कि बहोरा निवासी जयसिंह ने उनका जेवर, चढ़ावा सब रख लिया है। भांवरे पड़ने के बाद भी वह विदा नहीं कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कन्या पक्ष के लोगों का कहना है कि दूल्हन का मौसा अमर सिंह दुल्हन को अपने साथ अपने घर ले गया है।
इस कारण उसकी विदाई नहीं हो पाई। फिलहाल पुलिस किसी तरह से बीच का रास्ता निकालकर दुल्हन की विदा कराने का प्रयास कर रही है। मौके पर गए थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह गौतम का कहना है कि कन्या के पिता को समझाया जा रहा है। फिलहाल अभी तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है।