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मुक्केबाज फटे ग्लव्स से कर रहे अभ्यास

Sun, 28 Aug 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
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स्पोर्ट्स स्टेडियम में फटे बॉक्सिंग ग्लव्स से प्रैक्टिस करते मुक्केबाज। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। राज्य स्तरीय जूनियर बालिका वर्ग की प्रतियोगिता एक चार सितंबर तक होनी है। खेल विभाग की ओर से प्रतियोगिता के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है। मुक्केबाज फटे ग्लव्स के अभ्यास कर रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से लगाया गया बॉक्ंिसग रिंग सड़ रहा है। रिंग के पटलों में दीमक लग रही है।  
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 वर्ष 2013 में खेल निदेशालय लखनऊ की ओर से फतेहगढ़ स्थित स्व. ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्पोर्ट्स स्टेडियम में 2.60 लाख की लागत से बॉक्सिंग रिंग की स्थापना की गई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन डीएम पवन कुमार व एसपी आरबी पांडेय ने किया था। डीएम पवन कुमार ने क्रीड़ाधिकारी को  स्टेडियम में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लेने वाले मुक्केबाजों को रिंग में अभ्यास करवाने के निर्देश दिए थे।

बॉक्सिंग रिंग की स्थापना से लेकर अभी तक स्टेडियम में पांच प्रतियोगिताओं का आयोजन हो चुका है। तीन बार पुलिस विभाग की जोनल बॉक्सिंग प्रतियोगिताएं और दो बार जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन मैदान हुआ है लेकिन अभी तक प्रशिक्षण ले रहे मुक्केबाजों को रिंग में प्रशिक्षण नसीब नहीं हुआ है।
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बॉक्सिंग रिंग की स्थापना के समय खिलाड़ियों के लिए नए साजो-सामान खरीदे गए थे। रिंग पर लगे पटलों में रखे रखे दीमक लग रही है। स्टेडियम में करीब 50 मुक्केबाज प्रशिक्षण ले रहे हैं। इनमें बालक और बालिकाएं शामिल हैं। प्रशिक्षण ले रहे इन प्रतिभावान मुक्केबाजों को फटे ग्लव्स से काम चलाना पड़ रहा है।

रिंग पर पटले न पड़े होने के कारण मुक्केबाजों को जमीन पर ही अभ्यास करना पड़ रहा है। स्टेडियम में जमीन पर बॉक्सिंग सीखकर जब यह खिलाड़ी मंडल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए जाते हैं तो उन्हें काफी असुविधा का समाना करना पड़ता है।

रिंग में अभ्यास न होने केे  कारण खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी के सामने घुटने टेकने को मजबूर हो जाते हैं। मुक्केबाजी का अभ्यास करने के लिए आने वाले खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए फटे ग्लव्स उपलब्ध करवाए जाते हैं। इससे अभ्यास करते समय कई बार चोट लग जाती है। 

जिला क्रीडाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि बारिश में रिंग पर पड़े पटले कहीं खराब न हो जाए। इस वजह से रिंग पर पटले नहीं डाले जा रहे हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही है। प्रतियेागिता का आयोजन सही ढंग से करवाया जाएगा।
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