फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल को आर्थो सर्जन समेत तीन डॉक्टर मिल गए हैं। अब दिव्यांग बोर्ड और वीआईपी ड्यूटी के दिन हड्डी रोगियों को बिना इलाज मायूस नहीं लौटना होगा। बच्चों और खांसी, जुकाम, बुखार के मरीजों को भी इलाज मिलेगा।
लोहिया अस्पताल में आर्थो सर्जन डॉ. आयुष्मान सिंह, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप दीक्षित व फिजीशियन डॉ. दीपक कुमार वर्मा ने काम शुरू कर दिया है। अभी तक प्रत्येक सोमवार दिव्यांग बोर्ड, वीआईपी के जिले में आने, संपूर्ण समाधान दिवस के दिन आर्थो सर्जन की ड्यूटी लगने से हड्डी रोगियों को बिना इलाज ही लौटना मजबूरी थी।
यही नहीं एकमात्र बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सक्सेना के पास पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) यूनिट की भी जिम्मेदारी होने की वजह से आए दिन ओपीडी में बीमार बच्चों को दवा लेने में दिक्कत होती थी। अब अनूप दीक्षित के आने से इसका भी समाधान हो गया। यही नहीं फिजीशियन डॉ. दीपक कुमार वर्मा के आने से आने वाले दिनों में खांसी, जुकाम, बुखार के बढ़ने वाले बीमारों को समय से इलाज मिलना संभव होगा। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि तीन नए डॉक्टर मिलने से मरीजों को खासा फायदा होगा।
20 मार्च से नहीं आएंगी एमसीडी क्लीनिक की डॉक्टर
सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि एमसीडी क्लीनिक की डॉ. अंशुल गौतम घरेलू दिक्कतों को नौकरी छोड़ रही हैं। वह 20 मार्च के बाद अस्पताल में नहीं आएंगी। इसके बाद फिजीशियन डॉ. दीपक कुमार वर्मा को उनके कमरे में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
ओपीडी में होली का असर, मरीजों की संख्या घटी
ओपीडी में बृहस्पतिवार को मात्र 280 मरीज पहुंचे। दोपहर डेढ़ बजे तक इक्का-दुक्का मरीज आते रहे। ओपीडी में बैठीं फिजीशियन डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप दीक्षित ने मरीजों को देखा। अस्पताल में सन्नाटा सा पसरा रहा।