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स्कूल फीस, किताबें व बिजली बिल शिकायत को जांच अधिकारी नामित

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फर्रुखाबाद प्राइवेट स्कूलों में अलग-अलग किताबें चलने, उनके निर्धारित दुकान में मिलने, बिजली बिल, स्कूल फीस माफ कराने को भारतीय किसान यूनियन ने ज्ञापन दिया था। डीएम ने पांच अधिकारियों को बिंदुवार जांच कर आख्या देने का आदेश दिया है।
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भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष सत्यभान झा ने डीएम को ज्ञापन दिया था। इसमें कहा कि कोरोना वायरस आपदा से किसान परेशान हैं। ऐसे में प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की तीन माह की फीस माफ कराई जाए।
सभी प्राइवेट स्कूलों की किताबें उनकी तय दुकानों पर ही मिलती हैं। इन पर स्कूल प्रबंधक का 60 से 70 फीसदी कमीशन होता है। इसे बंद कराने के लिए प्रदेश सरकार कक्षा एक से आठ तक की किताबों का कोर्स व मूल्य निर्धारित कर सभी बुक स्टालों पर उपलब्ध कराए। सभी प्राइवेट स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक एक ही कोर्स लागू किया जाए।
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प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को लाने व ले जाने के लिए जो वाहन लगे हैं वे गैर कामर्शियल हैं। वाहनों की फिटनेस नहीं होती है। ऐसे वाहन बंद हों। कोरोना काल में घरेलू बिजली बिल माफ कराया जाए। इन पांच बिंदुओं पर डीएम मानवेंद्र सिंह ने सीडीओ, डीआईओएस, अधीक्षण अभियंता विद्युत, बीएसए व एआरटीओ को जांच कर 11 जून तक
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