सुहागिन महिलाओं ने वट अमावस्या पर रविवार को विधि-विधान से वट पूजन किया।
इस दौरान वृक्ष की परिक्रमा कर पति की लंबी उम्र की कामना की। हालांकि कई
महिलाएं पूजन को लेकर असमंजस में भी रहीं। पंडितों के अनुसार वट पूजन
सोमवार को सुबह 9 बजे तक किया जाएगा।
ज्येष्ठ मास की अमावस्या को वट
सावित्री व्रत त्योहार मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी
उम्र के लिए व्रत रखकर पूजा करती हैं। वट पूजन को लेकर सुहागिनों में सुबह
से ही उल्लास था। ये पूजन सामग्री के साथ वट वृक्ष के पास पहुंचीं।
इन्होंने विधि-विधान के साथ सिंदूर, रोली, फूल, अक्षत, चना, फल और मिठाई
से वट वृक्ष का पूजन किया। वट वृक्ष की परिक्रमा कर महिलाओं ने पति की लंबी
उम्र की कामना की। हालांकि रविवार को वट पूजन को लेकर महिलाएं असमंजस में
भी रहीं। अधिकांश महिलाओं ने रविवार को वट पूजन नहीं किया। यह सोमवार को
व्रत रहकर वट पूजन करेंगी। वट पूजन को लेकर मान्यता है कि वट वृक्ष को
अनश्वर माना जाता है। इसलिए महिलाएं पति की दीर्घायु एवं परिवार की समृद्धि
के लिए यह व्रत रखती हैं।
ऐसे करें पूजन
सिंदूर, रोली, फूल,
अक्षत, चना, फल और मिठाई से सुहागिनें वट पूजन करें। जल से वट वृक्ष को
सींचकर यथाशक्ति अनुसार या फिर 108 बार वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा
लपेटें। पूजन के दौरान सत्यवान-सावित्री की कथा अवश्य सुनें।
आज 9 बजे तक पूजन
आचार्य
प्रदीप नारायण शुक्ल ने बताया कि इस बार वट सावित्री व्रत दो दिन का पड़ा
है। रविवार को जहां पूरे दिन वट पूजन का मुहूर्त रहा वहीं सोमवार को सुबह 9
बजे तक पूजन किया जा सकता है।