फोटो-19, बैंक सखी व शाखा प्रबंधक को सम्मानित करते डीएम। स्रोत: प्रशासन
फर्रुखाबाद। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में बैंक प्रबंधकों की कार्यशाला हुई।
इसमें बैंक प्रबंधकों को स्वयं सहायता समूहों को ऋण देने में आनाकानी न करने के निर्देश दिए गए। वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शाखा प्रबंधक व बैंक सखियों को सम्मानित किया गया।
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को सीसीएल व इंटर प्राइजेज फाइनेंसिग का लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। डीएम ने गत वर्ष अच्छा काम करने वाले शाखा प्रबंधक व बैंक सखियों को प्रमाणपत्र व प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट हैदराबाद से आए रिसोर्स पर्सन शुभांकर झा व दयानिधि मंत्री ने शाखा प्रबंधकों को योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। महिला स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन व क्लस्टर की भूमिका को समझाया। महिलाओं को रोजगार के लिए डेढ़ लाख से 20 लाख रुपये तक ऋण दिया जाता है।
उपायुक्त स्वतः रोजगार ने मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने पर जोर दिया। सीडीओ विनोद कुमार गौड़, डीडीओ श्याम कुमार तिवारी, पीडी कपिल कुमार, एलडीएम वीडी वर्मा आदि मौजूद रहे।