नगर की बैंकों में 10 रुपये के सिक्के नहीं जमा हो रहे हैं। इसको लेकर ग्राहकों में रोष है। ग्राहकों का कहना है कि नोट बंदी के बाद बैंक से ही उन्हें 10 के सिक्के दिए गए और अब बैंक में 10 के सिक्के जमा नहीं हो रहे हैं।
नगर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी गौरव अगिभनहोत्री ने बताया कि शनिवार को पीएनबी की शाखा में पांच हजार रुपये जमा करने के लिए गए। उन्होंने कैशियर को रुपये जमा करने के लिए दिए।
इसमें 1500 रुपये 10 के सिक्के थे। शाखा प्रबंधक ने 10 के सिक्कों को जमा करने से मना कर दिया। गौरव ने इसकी शिकायत बैंक के उच्चाधिकारियों से की है। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कायमगंज व मंडी समिति शाखा में पिछले दो दिन से कैश न होने के कारण ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दूर दराज इलाकों से कंपकंपाती सर्दी में लोग बैंक से पैसा निकालने आते हैं और बैंक में कैश न होने के कारण बैरंग लौट जाते हैं। गंाव लखनपुर निवासी लालता प्रसाद ने बताया कि उसे खेत में खाद लगानी थी, बैंक से पैसे निकालने आये थे लेकिन मिले नहीं।
गंाव अताईपुर निवासी पप्पू ने बताया कि उसके बच्चे बीमार हैं और घर में राशन भी नहीं है। बैंक से चार हजार रुपये निकालने आये थे। अताईपुर के ही रामविलास का कहना है कि ग्रामीण बैंक की हालत बहुत खराब है। 10-12 दिन से आ रहे हैं लेकिन अभी तक मात्र 2000 रुपये ही मिले हैं।
इससे घर का खर्चा चलाना मुश्किल है। गौराईपुर निवासी अनेक सिंह ने बताया कि उसे पैसा नहीं मिला। अब सोमवार को बैंक खुलेगी, तब भी पता नहीं कि पैसा मिलेगा या नहीं। वहीं सेंट्रल बैंक में सात दिन बाद शनिवार को कैश आया तो वह मात्र 2 घंटे में ही खत्म हो गया।
पीएनबी में भी कैश न होने के कारण रुपये नहीं बंटे। नगर के आठ एटीएम में स्टेट बैंक व एक्सिस बैंक के ही एटीएम चलते दिखाई दिए।
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में खातों से कैश निकालने के लिए अभी भी ग्रामीणों के बैंक के बाहर लंबी-लंबी लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
शनिवार को आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में कैश न आने से पेंशनर्स, नौकरी-पेशा, व्यापारी परेशान रहे। बैंक से पर्याप्त रकम नहीं मिल रही है। लाइन में लगने के बाद ग्राहकों को सिर्फ दो हजार रुपये बैंक से मिले। शाखा प्रबंधक अमित सिंह ने बताया कि कैश बहुत कम आता है। इस कारण कैश बांटने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।