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बैंक, डाकघर, आयकर में तालाबंदी,

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रेलवे रोड स्थित महाराष्ट्र बैंक में लटके ताले। - फोटो : FARRUKHABAD
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केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में श्रमिक संघों के आह्वान पर बुधवार को स्टेट बैंक को छोड़ अन्य सभी बैंकों, डाकघरों और आयकर विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। शाखाओं के बाहर धरना देकर प्रदर्शन किया। हालांकि अन्य किसी भी क्षेत्र में इसका कोई खास असर नहीं हुआ।
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बैंकों में तालाबंदी रहने से ग्राहकों के काम ठप रहे। इससे जिले भर में करीब 50 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ और 20 करोड़ के चेक क्लीयरिंग में फंस गए। डाकघरों में करीब 10 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर पड़ा।
आंदोलनकारी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एलान किया कि केंद्र सरकार कर्मचारी विरोधी काम कर रही है। हड़ताल वाले बैंकों के एटीएम में शाम के वक्त रुपये खत्म हो गए। हालांकि स्टेट बैंक के एटीएम से खासी राहत रही। आयकर विभाग में भी कर्मचारी दिनभर जमीन पर बिस्तर लगाकर बैठे रहे।
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श्रमिकों के अधिकार पूंजीपतियों को देना चाहती है सरकार
बैंकिंग क्षेत्र के पांच बड़े कर्मचारी/अधिकारी संगठनों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। शहर के बैंक कर्मी रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक के सामने एकत्रित हुए और धरने पर बैठ गए। वहां नारेबाजी कर सभा की।
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री केदार साह ने कहा कि सरकार श्रम कानून के तहत कर्मियों के अधिकारों को बदलकर चार श्रमिक कोड में बदलने की तैयारी कर रही है। इससे अधिकार मालिकों/ पूंजीपतियों को प्राप्त हो जाएगा। यह देश और श्रमिक के हित में नहीं होगा। हम अपनी आजीविका की सुरक्षा चाहते हैं।
आउटसोर्सिंग से लोगों का शोषण हो रहा है। संयुक्त मंत्री मयंक गुप्ता ने कहा, वेतन समझौता दो साल से लंबित है। सरकार जानबूझ कर फंसे कर्ज की वसूली नहीं करवा रही है। आशुतोष तिवारी ने 12 सूत्री मांगों की वकालत की।
बीओबी से विजय वर्मा, सूबेदार बाथम, अंकित श्रीवास्तव, गौरव श्रीवास्तव, हनी, विनोद वर्मा, इलाहाबाद बैंक से महेश कुशवाहा, पीएनबी से महेश वैद्य, संजीव, मेघनाथ, हिमांशु, संजीव कुमार, देवाशीष, सेंट्रल बैंक से रमाकांत, प्रेम, केनरा से आशुतोष, यूको बैंक से अनुरोध तिवारी, बीओआई से कृष्णा शुक्ला, सुभाष, ओरियंटल से प्रतीक मिश्रा, विजया बैंक से आनंद, सुधीर कुमार पांडेय और यूनाइटेड बैंक से चैतन्य आदि शामिल रहे।
डाक कर्मियों बोले, अन्याय के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ेंगे
नेशनल पोस्टल इंप्लाइज यूनियन एवं ऑल इंडिया पोस्ट्स इंप्लाइज यूनियन के बैनर तले डाकघरों में जोरदार धरना प्रदर्शन किया गया। प्रधान डाकघर में सभी कर्मचारी धरने पर बैठे और नारेबाजी की। एलान किया कि हम अन्याय के साथ पूरी ताकत से लड़ेंगे।
लालगेट स्थित उप डाकघर के गेट की तालाबंदी करके कर्मचारी धरने पर बैठे। मंडलीय सचिव राजेश बाजपेई ने कहा कि सरकार नई पेंशन योजना लागू करने जा रही है। यह कर्मियों संग अन्याय है। हमें पुरानी पेंशन ही चाहिए। डाक विभाग में तमाम पद रिक्त हैं।
रिक्त पदों को सरकार तुरंत भर दे। विनीत मिश्रा ने कहा कि केंद्र सरकार के हर दफ्तर में सप्ताह में पांच दिन काम होता है, मगर हम लोग पूरे छह दिन काम करते हैं, यह अन्याय है। डाक कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सचिव आनंद भदौरिया ने भी संबोधित किया।
सुजीत प्रधान, संजीव मिश्रा, अभय अग्निहोत्री, शैलेंद्र यादव, सुनीता यादव, ओमवीर सिंह, प्रतिभा त्रिवेदी, सुभाष चंद्र, कदीर हुसैन, विमल कांत, रामलखन दीक्षित, घनश्याम वर्मा आदि मौजूद रहे।
अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे आयकर कर्मचारी
आयकर कर्मचारी संघ के बैनर तले ग्रुप सी कर्मचारियों ने धरना देकर नारेबाजी की। कहा कि दस सूत्री मांगों को जब तक सरकार नहीं मानती, तब तक समय-समय पर धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे। अन्याय को हबर्दाश्त करने वाले नहीं है।
बढ़पुर स्थित आयकर कार्यालय के बाहर कर्मचारियों ने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ ही देर में बारिश होने पर अंदर जमीन पर बिस्तर जमा दिया। संघ के अध्यक्ष अजय कुमार कश्यप ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना को बहाल कर 50 प्रतिशत न्यूनतम पेंशन आहरित की जाए।
कहा कि रेलवे, रक्षा और डाक विभाग का निगमीकरण तथा निजीकरण को हर हाल में रोकना है। प्रिंटिंग प्रेसों के बंदी के विदेशों को वापस लेना चाहिए। ग्रामीण डाकसेवकों का नियमितीकरण और सिविल सेवक का दर्जा दिया जाए।
सचिव कैलाश शंकर कनौजिया ने कहा कि समान काम का समान वेतन होना चाहिए। हरिओम त्रिवेदी, संदीप कुमार, जितेद्र कुमार सिन्हा, त्रिमोदन सिंह, आदित्य प्रकाश मिश्र, तेज सिंह, गणेश चंद्र, जीवन सिंह, शुभम कुमार राठौर, मंजीत पटेल आदि थे।
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