विशेष अदालत एससीएसटी के न्यायाधीश रवींद्रनाथ दुबे ने हत्या के मुकदमे के आरोपी तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं जवाबी मारपीट के मुकदमे के दो आरोपियों को एक साल की सजा सुनाई गई है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के मोहल्ला तलैया साहब जादगान निवासी मुकीम खां अपनी जमीन पर 10 अक्तूबर 2002 को दीवार का निर्माण करा रहे थे, तभी मोहल्ले के रहने वाले पूत भाई उर्फ कयामुद्दीन, मुनन और निजामुद्दीन ने विरोध किया।
आरोप है कि तीनों भाइयों ने मुकीम को गोली मार दी। मुकीम की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के भाई अजीज खां ने तीनों हमलावर भाइयों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। जबकि पूत भाई उर्फ कयामुद्दीन की पत्नी शाहना बेगम ने अजीज, मुकीम, लतीफ, मजीद और रफीक के खिलाफ भी कोर्ट के आदेश पर मारपीट व धमकी दिए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
विवेचक ने जांच कर दोनों मामले में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। हत्या के मामले में तीनों सगे भाइयों एवं मारपीट व धमकी मामले में अजीज, लतीफ व मुजीद के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान मजीद खां की मौत हो गई। ऐसे में मारपीट वाले मामले में दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई हुई।
बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने हत्या के मुकदमे के आरोपी पूत भाई उर्फ कयामुद्दीन, मुनन व निजामुद्दीन को दोषी पाकर आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
वहीं मारपीट व धमकी मामले में आरोपी अजीज व लतीफ को दोषी पाकर एक साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।