फर्रुखाबाद। डॉ. अनुपम दुबे के छोटे भाई अमित दुबे उर्फ बब्बन को ब्लाक प्रमुख का अधिकार जेल से छूटने के साढ़े तीन माह बाद भी नहीं मिल सका है। निर्वाचन क्षेत्र नगर पंचायत में शामिल होने से पेच फंसा है। जिलाधिकारी ने चौथी बार शासन को अनुस्मारक भेजकर अग्रिम कार्रवाई की अनुमति मांगी है।
मोहम्मदाबाद ब्लाक प्रमुख अमित दुबे उर्फ बब्बन दुबे को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत तत्कालीन जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने 6 माह के लिए जिलाबदर कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने 13 सितंबर 2022 को ब्लॉक प्रमुख के दायित्वों की जिम्मेदारी जिला बदर की अवधि समाप्त होने तक एसडीएम सदर को सौंपी थी। तत्कालीन जिलाधिकारी ने चार अक्तूबर 2023 को ब्लाक प्रमुख के जेल में निरुद्ध होने से एसडीएम सदर को ही ब्लाक प्रमुख के दायित्वों की जिम्मेदारी बढ़ा दी।
30 दिसंबर को जेल से छूटने के बाद एक जनवरी 2025 को अमित दुबे ने जिलाधिकारी को पत्र देकर ब्लाक प्रमुख के अधिकार वापस मांगे थे। दूसरी ओर अमित दुबे का निर्वाचन क्षेत्र वार्ड नंबर 118 नगला बाग रठौरा नवसृजित नगर पंचायत खिमसेपुर में शामिल हो गया था। निर्वाचन क्षेत्र के पेंच फंसने से जिलाधिकारी ने 13 जनवरी को प्रमुख सचिव पंचायती राज को पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी। शासन से कोई जवाब न मिलने से अमित दुबे उर्फ बब्बन को अभी तक ब्लॉक प्रमुख के अधिकार नहीं मिल सके। इसके बाद शासन को अनुस्मारक भेजे जाते रहे।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की ओर से गत सप्ताह चौथा अनुस्मारक शासन को भेजा है। इसमें कहा कि निर्वाचन क्षेत्र नगर पंचायत में शामिल हो जाने से ब्लॉक प्रमुख बने रहने का अधिकार है या नहीं। इस संबंध में मार्ग निर्देश मिलने पर ही अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।