फर्रुखाबाद। जनपद में सोमवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान थीम के तहत धूमधाम से मनाई गई। डीएम ने सबसे पहले जेएनवी रोड तिराहे स्थित बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण किया।
कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान थीम पर समारोह कर बाबा साहेब की जयंती मनाई गई। डीएम ने जिलापंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, विधायक सुशील शाक्य, नागेंद्र सिंह राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद्र वर्मा के साथ डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि दी। डीएम ने सभी को संविधान की प्रस्तावना की शपथ दिलाई।
डीएम ने कहा कि बाबा साहेब ने जीवन भर शोषण, भेदभाव व असमानता के विरुद्ध संघर्ष कर समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित समाज की नींव रखी। हमें भी उनके विचारों पर चलना चाहिए। विकास भवन में सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र की अध्यक्षता में अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ रैली निकाली गई। इसके बाद सभागार में हुई गोष्ठी में सीडीओ अरविंद कुमार मिश्र, डीडीओ श्याम कुुमार तिवारी, पीडी कपिल कुमार, जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बाबा साहेब के संघर्षमय जीवन पर प्रकाश डाला। एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एडीएम न्यायिक, नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल, एसडीएम सदर आदि रहे।
बाबा साहेब के जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ें छात्र
फर्रुखाबाद। डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयती पर मेजर एसडी सिंह विश्वविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन हुआ। कुलपति ने इस मौके पर कहा कि छात्र-छात्राएं बाबा साहेब के जीवन से सीख लेकर आगे बढ़ें। फैकल्टी ऑफ लॉ सभागार में कुलपति डॉ. रंगनाथ मिश्र ने कहा कि बाबा साहेब मानवाधिकारों के बड़े हिमायती थे। उनके सिद्धांत, विचार व जीवनचर्या सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। डॉ. राजपाल सिंह ने कहा कि वह ऐसे धर्म के हिमायती थे जो स्वतंत्रता, समानता व भाईचारे का धर्म हो। नर्सिंग फैकल्टी की डीन प्रो. शेरीन पी एलेक्स ने कहा कि कोई भी राष्ट्र बिना संविधान के नहीं चल सकता। डॉ. बिनायक किन्नल, डॉ. विनय कटियार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. गीता सिंह, डॉ. अजीत कुमार, रामचन्द्र, ज्योति, डॉ. पुष्पेन्द्र यादव, डॉ. धीरेन्द्र यादव ने भी संबोधित किया। कैंटहा में आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन हुआ। डॉ स्वाती सिंह, आशा मीरा देवी ने व्यवस्था की। मकरंदनगर बसहा में राजेश प्रताप सिंह, उदयनारायण मिश्रा, कुलदीप कुशवाहा, राजीव मिश्रा, अनिल राजपूत ने विचार रखे। (संवाद)