फर्रुखाबाद। आचार संहिता के उल्लंघन व आईटी एक्ट के मुकदमे में सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह के खिलाफ सीजेएम कोर्ट से बी वारंट जारी किए गए हैं। पूर्व विधायक भाजपा के कद्दावर नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा में वाराणसी जेल में बंद हैं।
कानूनगो प्रमोद शुक्ला ने 10 मई 2023 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नाला मछरट्टा निवासी समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय सिंह, उनके पुत्र अभिषेक सिंह व बहू एकता सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि उनकी बहू नगर पालिका अध्यक्ष के चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रही थीं। पुत्र अभिषेक सिंह ने चुनाव के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उस दौरान पूर्व विधायक विजय सिंह ब्रह्मदत्त द्विवेदी हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा में बांदा जेल में बंद थे। उपचार के लिए उनको अस्पताल भेजा गया था। वीडियो में पूर्व विधायक विजय सिंह बहू एकता सिंह को जिताने के लिए लोगों से अपील कर रहे थे। प्रचार के संबंध में पूर्व विधायक की ओर से नगर मजिस्ट्रेट से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
मुकदमे की विवेचना फतेहगढ़ कोतवाली के अपराध इंस्पेक्टर सुदेश कुमार कर रहे हैं। पूर्व विधायक को कुछ दिनों पहले बांदा जेल से वाराणसी स्थानांतरित कर दिया गया था। विवेचक ने सीजेएम कोर्ट में बी वारंट के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट ने पूर्व विधायक के खिलाफ बी वारंट जारी कर तामील कराने के आदेश दिए थे। नखास चौकी इंचार्ज राहुल ने बताया कि पूर्व विधायक को बी वारंट तामील कराने के लिए सिपाही को वाराणसी जेल भेजा गया है।
यह होता है बी वारंट:
बी वारंट एक आधिकारिक आदेश है, जो मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित किया जाता है। इसमें अदालत पुलिस को किसी मामले के अभियुक्त को दूसरे स्थान या जेल से गिरफ्तार करने का आदेश देती है। (संवाद)