रिश्वत लेने के मामले में सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के वेतन लेखा विभाग के आडीटर को सीबीआई टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सीबीआई से सेना के एक जवान ने वेतन में विभिन्न भत्तों को लगाने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगा था।
सिखलाई रेजीमेंट सेंटर के वेतन लेखा विभाग में सिविल लाइन नवदिया निवासी कालेंद्र दो वर्ष से आडीटर के पद पर कार्यरत है। कालेंद्र से 2 आरआर (राजपूताना राइफल्स) के जवान ने वर्ष 2009 से 2013 तक वेतन में आवास, ट्युशन, मंहगाई आदि भत्तों को वेतन में न लगाने की बात कहकर कार्य करने को कहा।
आडीटर ने जवान से वेतन में भत्तों को लगाने के एवज में सुविधा शुल्क की मांग की। मोल तोल करने के बाद सौदा तय हो गया। सेना के जवान ने इसकी शिकायत सीबीआई की भ्रष्टाचार अनुसंधान शाखा के अधिकारियों से की। शिकायत के बाद हरकत में आई सीबीआई की टीम ने शहर में डेरा डाल दिया। जवान को फोन कर बुलाया गया।
सीबीआई की टीम ने जवान को रिश्वत के रुपये निशान लगाकर दिए। आडीटर को रिश्वत देने के लिए जवान से फोन करवाया गया। जवान ने फोन कर आडीटर को फर्रुखाबाद स्थित बस अड्डे पर बुलाया। आडीटर रिश्वत के रुपयों को लेने के लिए बस अड्डे पहुंचा। वहीं पर पहले से जाल बिछाए बैठे सीबीआई के अधिकारियों ने आडीटर को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
आडीटर को पकड़कर सीबीआई के अधिकारियों ने उससे पूछताछ शुरू की। आडीटर से पूछताछ के बाद लिखापढ़ी कर आडीटर के घर पर गिरफ्तारी की सूचना दी गई। रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए आडीटर को सीबीआई अपने साथ लखनऊ ले गई। सीबीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोर्ट में पेश करने के बाद आडीटर को जेल भेज दिया गया।
घटना के बाद वेतन कार्यालय में कोई भी बात करने को तैयार नहीं हुआ। अधिकारी और कर्मचारी दबी जबान से पूरे दिन मामले की चर्चा करते रहे। बताते चलें कि कुछ माह पहले सीबीआई की टीम ने कैंटोंमेंट बोर्ड के सदस्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।