रामगंगा का जलस्तर बुधवार को चेतावनी बिंदु तक पहुंच गया। वहीं, गंगा नदी का जलस्तर भी दोबारा चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। अमृतपुर क्षेत्र के करीब एक दर्जन से ज्यादा गांवों के किनारे पानी पहुंचने से ग्रामीणों की धुकधुकी बढ़ गई है।
रामगंगा का जलस्तर बुधवार को 136.60 मीटर पर पहुंच गया है। अहलादपुर में रामगंगा पहले से ही पहुंच चुकी है। यहां लगातार कई दिन से कटान हो रहा है। इसके अलावा अब रामगंगा नदी कोला सोता समेत एक दर्जन गांवों के किनारे पहुंच गई है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि ऐसे ही रामगंगा में पानी बढ़ता रहा तो जल्दी कई गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे। कुछ पानी और बढ़ने से कई गांवों की स्थिति बहुत बिगड़ सकती है। बुधवार को भी रामगंगा में 9338 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
दूसरी ओर गंगा नदी के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बुधवार को गंगा नदी दोबारा से चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गई। पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 136.45 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु से कुछ ही नीचे है। यहां भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। अमृतपुर क्षेत्र के ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, मंझा की मड़ैया, कुड़री सारंगपुर समेत करीब एक दर्जन गांव के किनारे गंगा का पानी पहुंच गया है। दूसरी ओर शमसाबाद के कटरी तौफीक व अचानकपुर गांव के किनारे पानी दोबारा पहुंच गया है।
नायब तहसीलदार ने बंटवाया खाना
अमृतपुर क्षेत्र के गांव अहलादपुर भटौली बाढ़ शरणालय की अव्यवस्थाओं की खबर छपने के बाद बुधवार को नायब तहसीलदार भानुप्रताप सिंह ने खुद अपनी देखरेख में खाना बंटवाया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण खाना खाने के लिए आने में आनाकानी करते हैं। बुधवार शाम को भी खाना बनवाया जाएगा।