फर्रुखाबाद। रिट सेल के प्रभारी दरोगा ने अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप पर हाईकोर्ट से संबंधित मामले की पत्रावली में हस्ताक्षर कराने के दौरान गाली व धमकी देने का आरोप लगाया है। दरोगा ने एएसपी को लीगल नोटिस भेज कर माफी न मांगने पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
रिट सेल प्रभारी दरोगा अशोक ने एएसपी अजय प्रताप को भेजे लीगल नोटिस में कहा कि हाईकोर्ट संबंधी महत्वपूर्ण पत्रावली पर 20 अगस्त को हस्ताक्षर कराने एएसपी के कार्यालय में गए थे। वे कार्यालय में नहीं थे। 21 अगस्त को दोबारा से पत्रावली लेकर कार्यालय में गए। चपरासी से मिलने के लिए खबर भिजवाई। एएसपी ने चपरासी के माध्यम से किसी से न मिलने की बात कहकर दरोगा को वापस भेज दिया। 22 अगस्त को एएसपी के सीयूजी नंबर पर फोन कर महत्तवपूर्ण पत्रावली का हवाला देकर आवास पर मिलने की अनुमति मांगी। एएसपी ने आवास पर मिलने से इनकार कर दिया। 23 अगस्त को एएसपी के कार्यालय में फिर गया, लेकिन एएसपी शासन की गाइडलाइन के विपरीत 9.30 बजे की बजाए 11.30 बजे कार्यालय आए। अपने पेशकार काशीनाथ मिश्र के सामने हस्ताक्षर करते समय एएसपी ने उसको गाली देने के साथ देख लेने की चेतावनी दी। एएसपी के इस अभद्र व्यवहार का दरोगा ने जवाब नहीं दिया। दरोगा ने हस्ताक्षर करते समय एएसपी अजय प्रताप पर कई बार सो जाने व खर्राटा लेने का भी आरोप लगाया। 24 अगस्त को दरोगा अशोक कुमार ने एसपी डॉ अनिल मिश्र से पूरे प्रकरण की शिकायत भी की। 26 अगस्त को दरोगा ने डाक से एएसपी को लीगल नोटिस भेजकर माफी न मांगने पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी। एएसपी ने नोटिस रिसीव कर लिया है। इसके बाद से हड़कंप मचा है। अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप ने बताया कि लीगल नोटिस आने की जानकारी नहीं है। जानकारी की जाएगी।
कानुपर में दो आईपीएस मांग चुके हैं माफी
दरोगा अशोक कुमार ने नोटिस में यह भी बताया कि कानुपर में तैनाती के दौरान आईपीएस हिमांशु कुमार व दिलीप कुमार ने उसके साथ में अभद्रता की थी। दरोगा अशोक कुमार ने दोनों आईपीएस को लीगल नोटिस भेजा था। दोनों आईपीएस ने लिखित माफी मांग ली थी। इस पर मानहानि का मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया था। दोनों आईपीएस के माफीनामा व लीगल नोटिस की प्रतिलिप एएसपी अजय प्रताप को भेजे गए नोटिस के साथ संलग्न करके भेजी है।
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रिट सेल प्रभारी अशोक कुमार ने इस संबंध में बताया था। लीगल नोटिस भेजा है। इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. अनिल मिश्र, एसपी।