फर्रुखाबाद। पुणे में नौकरी कर रहे युवक के मोबाइल पर कॉल आई, जिसमें सामने वाले ने कहा कि वह फतेगढ़ कोतवाली से बोल रहा है। उसके बेटे को पकड़ लिया है, 30 हजार रुपये बताए खाते में डाल दो वरना चालान कर देंगे। पीड़िता की पत्नी ने बताए खाते पर 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। शक होने पर बेटे के स्कूल गई तो वह कक्षा में पढ़ता मिला। इसके बाद उसे टप्पेबाजी का पता चला।
फतेहगढ़ कोतवाली के मसेनी चौराहा निवासी सोनू सिंह पुणे में एक निजी बैंक में नौकरी करते हैं। घर पर पत्नी प्रीती सिंह और बच्चे रहते हैं। गुरुवार सुबह सोनू सिंह के मोबाइल पर फोन गया। फोन पर बोल रहे व्यक्ति ने कहा कि वह फतेहगढ़ कोतवाली से बोल रहा है।
तुम्हारे बेटे को पकड़ लिया है। छुड़ाना चाहते हो तो 30 हजार रुपये तुरंत डाल दो, अन्यथा चालान कर देंगे। सोनू ने इसकी जानकारी प्रीती को दी। प्रीती ने पहली बार छह हजार और फिर चार हजार रुपये फोन नंबर पर से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद प्रीती विद्यालय पहुंची तो उनका बेटा वहां कक्षा में पढ़ रहा है। पीड़िता ने रिश्तेदारों के साथ कोतवाली में शिकायत की, मगर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसके बाद पीड़िता एसपी के यहां पहुंची। उनके न मिलने पर वह घर लौट आईं।
इंस्पेक्टर हरिश्याम सिंह ने बताया कि उनके पास तहरीर नहीं आई है। फोन पर यह घटना बताई गई थी। यदि तहरीर आती है, तो वह इसकी जांच करेंगे।