जज बनकर एसडीएम को हड़काने वाला दबोचा
राजेपुर (फर्रुखाबाद)। लखनऊ हाईकोर्ट बेंच का जज बनकर एसडीएम को हड़काने वाला धर लिया गया। एसडीएम अमृतपुर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसपी व एसओजी ने राजेपुर थाने पहुंच कर युवक से पूछताछ की, तो फर्जीवाड़े के कई मामले सामने आए। पुलिस ने फर्जी जज की पत्नी को भी हिरासत में लिया है। फर्जीवाड़े में उसके भी शामिल होने की आशंका पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव बदनपुर निवासी प्रदीप कुमार चौहान ने उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच का जज बनकर एसडीएम अमृतपुर बृजेंद्र कुमार को 6, 26 व 27 जुलाई को फोन किया। उसने कहा कि वह उच्च न्यायालय लखनऊ का जज अमर सिंह चौहान बोल रहा है।
बदनपुर ग्राम सभा की भूमि मुन्नालाल सिंह, रामऔतार, रमेश सिंह पुत्र स्व. कल्याण सिंह के नाम असंक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज करा दें। भूमि दर्ज न करने पर एसडीएम को धमकी भी दी। बार-बार फोन करने पर एसडीएम को संदेह हुआ और उन्होंने जांच शुरू की। इसमें पता चला कि फोन करने वाला शहर की आवास विकास कालोनी में रह रहा है।
बुधवार को एसडीएम अमृतपुर बृजेंद्र कुमार, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक मानवेंद्र सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल पवन कुमार व एक अन्य लेखपाल के साथ आवास विकास कालोनी पहुंचे और फोन करने वाले युवक को पकड़ कर राजेपुर ले आए। पूछताछ में पता चला कि उसका असली नाम प्रदीप कुमार चौहान है।
वह अमर सिंह चौहान के नाम से धमका रहा था। एसडीएम ने उसे राजेपुर पुलिस के हवाले कर दिया। एसपी डा. अनिल कुमार मिश्रा व एसओजी प्रभारी दिनेश गौतम टीम के साथ राजेपुर पहुंचे और युवक से पूछताछ की।
इससे कई फर्जीवाड़े के मामले सामने आए। एसडीएम अमृतपुर ने फर्जी जज बनकर अविधिक कार्य करने का दबाव बनाने के आरोप में प्रदीप कुमार चौहान के खिलाफ राजेपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने उसकी पत्नी को भी पकड़ लिया है। उसके भी फर्जीवाड़े में शामिल होने की आशंका है। इससे उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने की पुलिस ने तैयारी कर ली है। एसओ राजेपुर जयंति प्रसाद गंगवार ने बताया कि प्रदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एटा के अलीगंज की पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री करने में पकड़ा था
राजेपुर/अमृतपुर। फर्जी जज बनकर एसडीएम को हड़काने में पकड़े गए प्रदीप कुमार चौहान के खिलाफ एटा के अलीगंज थाने में धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी पकड़ा जा चुका है। उस पर फर्जी प्रपत्र तैयार कर मां व साथी के नाम काकोरी निवासी संतोष कुमार पांडेय के मकान की फर्जी रजिस्ट्री कराने का आरोप था।
संतोष कुमार पांडेय के घर वर्ष 2013 में किरायेदार बनकर रहने गया था। इसके अलावा अन्य भी धोखाधड़ी के मामले अलीगंज थाने में दर्ज हैं। पुलिस पुराने मामलों को खोजने में लग गई है। इसके कौन-कौन साथी है, उनकी भी पुलिस तलाश करने में लग गई है।