लोहिया अस्पताल में रोते-बिलखते मृतक के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद। बुलेट से गांव जाते समय किसी वाहन की चपेट में आकर एक दवा कंपनी के एरिया मैनेजर की शनिवार रात मौत हो गई। सुरक्षा के लिए वह हेलमेट पहन कर नहीं निकले थे। जब वह घर नहीं पहुंचे तो खोजबीन करने पर उनका शव गढ़िया गांव के पास नाले में मिला। मृतक के भाई अरविंद ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव गैसिंगपुर निवासी पुष्पेंद्र सिंह राठौर (35) एक दवा कंपनी में एरिया मैनेजर के पद पर तैनात थे। शनिवार को पुष्पेंद्र शहर में काम करने के बाद अपने दोस्त मोहल्ला राजीव गांधी नगर निवासी राहुल दीक्षित के घर चले गए। यहां से पुष्पेंद्र रात करीब 10 बजे बुलेट से अपने गांव जा रहे थे। वह हेलमेट नहीं पहने थे।
गढ़िया गांव के पास किसी वाहन की चपेट में आकर पुष्पेंद्र बाइक से उछलकर मुंह के बल सड़क किनारे नाले में जा गिरे, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इधर, राहुल ने पुष्पेंद्र का मोबाइल मिलाया तो उनका नंबर नहीं लगा। इसके बाद राहुल ने पुष्पेंद्र के घर पर फोन कर उनके पहुंचने के बारे में पूछा तो बताया गया कि पुष्पेंद्र घर नहीं पहुंचे हैं।
इसके बाद पुष्पेंद्र के भतीजे रिंकू, ऋषि सिंह और राहुल के भांजे मधुर रात में ही बाइकों पर पुष्पेंद्र की खोजबीन में जुट गए। खोजबीन के दौरान गढ़िया गांव के पास बुलेट का इंडीकेटर जलता हुआ दिखाई दिया। जब परिजनों ने नीचे उतरकर देखा तो बुलेट पड़ी थी और पुष्पेंद्र नाले में गिरे थे।
आनन-फानन में परिजन पुष्पेंद्र को शहर के आवास-विकास कॉलोनी स्थित एक नर्सिंग होम में ले गए। यहां डॉक्टर ने पुष्पेंद्र को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव को लोहिया अस्पताल ले गए। घटना की सूचना मिलने पर रात में काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। शव को देखकर पत्नी अंजू देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। पुष्पेंद्र का एक बेटा करन (8) है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।