अपह्त युवक के खोजबीन में पुलिस की लापरवाही पर नाराज परिजन मंगलवार को कलक्ट्रेट में आमरण अनशन पर बैठ गए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने घटना को अंजाम देने वालों की शिनाख्त कर ली है लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
शहर के मोहल्ला अंगूरीबाग निवासी देवेंद्र कुमार के पुत्र अंकित (23) का 2 अप्रैल 2016 को अपहरण हो गया था। पिता ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब पीड़ित देवेंद्र ने कोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली में अपहरण की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज की गई।
करीब एक साल का समय गुजर जाने के बावजूद अभी तक पुलिस अपह्त युवक की बरामदगी और घटना को अंजाम देने वालों की पहचान नहीं कर पाई। मंगलवार को अपह्त का पिता देवेंद्र, पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर लक्ष्मण सिंह एडवोकेट के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां आमरण अनशन पर बैठ गए।
देवेंद्र का आरोप है कि मुकदमे के खुलासे के लिए कोतवाली कई बार गया। लेकिन पुलिस उसके पुत्र के अपहरण के मुकदमे में दिलचस्पी नहीं ले रही है। अब जब तक मामले का खुलासा नहीं होता तब तक वह आमरण अनशन जारी रखेंगे। इस दौरान जगदीश, सरोज, सावित्री, चंद्रजीत, रामनरायन, चंद्रपाल, लालसिंह, शीशराम, जयलाल सिंह, दिनेश समेत कई लोग मौजूद रहे।
वहीं कोतवाल द्रविड़ सिंह का कहना है कि लापता युवक की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापामारी की गई है। परिजनों ने जहां आशंका जताई वहां भी दबिश दी गई पर कोई पकड़ में नहीं आया। आरोपियों को बचाने के आरोप गलत हैं।