फर्रुखाबाद। बिजली चोरी की जांच करने पहुंची विद्युत विभाग की टीम के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में आरोपी रजत कुमार को सेशन कोर्ट से राहत नहीं मिली। सेशन न्यायाधीश नीरज कुमार ने आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।
सात सितंबर को 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता मुख्तार हुसैन, उपखंड अधिकारी प्रथम अजय कुमार के साथ बिजली मित्र की शिकायत पर जांच करने लोको रोड, भोलेपुर स्थित सुभाषचंद्र अहिरवार के घर पहुंचे थे। विद्युत चोरी मिलने पर साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। इसी दौरान सुभाषचंद्र अहिरवार और उसके पुत्र रजत कुमार ने गालीगलौज करते हुए टीम के साथ हाथापाई की। अवर अभियंता को गिराकर लात-घूंसों से पीटा और उनके हाथ में रखे सरकारी प्रपत्र छीन लिए गए।
पुलिस ने रजत कुमार समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने धारा 121(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की। आरोपी की ओर से अदालत में तर्क दिया गया कि विद्युत विभाग की टीम ने गलत तरीके से घर में प्रवेश किया था और विरोध करने पर विवाद हुआ। आरोपी पक्ष ने पिता के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी ने लोकसेवकों को सरकारी कार्य से रोकने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग किया और अवर अभियंता को गंभीर चोटें पहुंचाईं।
अदालत ने केस डायरी और पुलिस अभिलेखों के अवलोकन में पाया कि अवर अभियंता की चिकित्सीय रिपोर्ट में कुल आठ चोटें दर्ज हैं। नाक से ताजा रक्तस्राव और दाहिनी कलाई के जोड़ पर चोट के कारण एक्स-रे कराया गया। रेडियोलॉजिस्ट की रिपोर्ट में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना अदालत ने अग्रिम जमानत का प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया।