फर्रुखाबाद। सफाई कर्मी से रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जेल में बंद डीपीआरओ विभाग के लेखाकार के घर कानपुर की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापा मारा। अधिकारी तीन घंटे तक बैंक खातों, संपत्ति की पत्रावली खंगालते रहे। अफसरों ने जिम और चाचूपुर स्थित किराना की दुकान की जांच भी की। अधिकारी अपने साथ काफी पत्रावली ले गए हैं।
जिला पंचायती राज विभाग के लेखाकार राकेश बाबू को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 20 दिसंबर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उनकी जेब में 69 हजार रुपये भी बरामद हुए थे। गुरुवार दोपहर एंटी करप्शन ब्यूरो के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर सुशील पाराशर, थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह चौहान सात सदस्यीय टीम के साथ कादरीगेट थाने पहुंचे।
उन्होंने महिला-पुरुष पुलिस बल लेकर पांचाल घाट नोनमगंज स्थित राकेश के मकान पर छापा मारा। बाहरी हिस्से में जिम चला रहे राकेश के छोटे पुत्र अमरकांत वर्मा और दो पड़ोसियों को साथ लेकर मकान के भीतर चली गई। घर में अमरकांत और बड़े बेटे मिलन वर्मा की पत्नी भी थीं। टीम ने मुख्य गेट पर पुलिस बल तैनात कर दिया। सूचना मिलने पर बड़ा पुत्र मिलन वर्मा पहुंचा, तो उसे अंदर नहीं जाने दिया।
टीम ने राकेश बाबू के कमरे से उनके लॉकर, अलमारी आदि की बारीकी से जांच की। संपत्तियों, बैंक खातों की जानकारी भी हासिल की। करीब तीन घंटे बाद शाम साढ़े पांच बजे टीम घर से बाहर निकली। इसके बाद जिम को देखा और टीम चाचूपुर स्थित किराना की दुकान पर भी पत्रावली खंगालने गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टीम काफी पत्रावली ले गई। थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह चौहान ने बताया कि लेखाकार की संपत्ति की जानकारी लेकर जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
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जब पुलिस ने भीड़ को दौड़ाया
टीम जब पहुंची, तो उन्हें दो पड़ोसियों को साथ लेकर अंदर घुसना था। उस समय अधिकतर लोग तैयार नहीं हो रहे थे। टीम जब अंदर चली गई, तो बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई। इस पर अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से डंडा फटकार कर भगाया।