फर्रुखाबाद। दो वर्ष पूर्व जनपद में हुई आंगनबाड़ी प्रक्रिया को शासन के आदेश पर डीपीओ ने निरस्त कर दिया है। इससे पूर्व में चयनित हुई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
शासन के आदेश पर जनपद में जनवरी 2021 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। 500 से अधिक पद रिक्त थे। भर्ती प्रक्रिया के दौरान रिश्वत लेने व मांगे जाने का मामला सुर्खियों में आया। भर्ती के लिए फोन पर एक से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगने के कई ऑडियो भी वायरल हुए थे। इसकी जांच हुई तो मामला फंस गया। पदों के आरक्षण में भी मनमानी होने का भी पर्दा उठा गया था। इसके बाद खेल के चलते दोषियों को क्लीनचिट देकर मामला रफा-दफा कर दिया गया था। हालांकि यह मामला शासन तक पहुंचने से उसी दौरान भर्ती प्रक्रिया थम गई थी। डीपीओ भारत प्रसाद ने जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह अनुमति पर 13 सितंबर 2021 की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निरस्त कर दिया। इससे जालसाजों के झांसे में आकर रिश्वत देने वाले आवेदकों के मंसूबों पर पूरी तरह पानी फिर गया है। अब उनके दोबारा भर्ती होने की उम्मीद कम है। धांधली के चलते पूर्व में चयनित आवेदकों की सूची पर भी विचार नहीं किया जाएगा।