फर्रुखाबाद। विधान परिषद की याचिका समिति के आने की पहले से सूचना होने के बावजूद अगवानी के लिए एंबुलेंस नहीं पहुंची। इस पर समिति ने प्रोटोकाल की अवमानना करने में जिलाधिकारी को जांच कराकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
वहीं, शिकायतों की जांच में दोनों मामले पहले से ही निस्तारित मिले। दो सड़कों के निर्माण की मांग कर शासन तक शिकायत भेजी गई थी। इसमें चंद्रपाल शर्मा ने मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव नगला बाग से नीबकरोरी तक सड़क बनवाने और कायमगंज क्षेत्र में सतीश जाटव ने गांव नगला झम्मन से सिलसंडा तक सड़क निर्माण कराने की मांग की थी।
इन दोनों मामलों की जांच विधान परिषद की याचिका समिति को सौंपी गई। इस पर मंगलवार को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधान परिषद सदस्य अशोक अग्रवाल की अध्यक्षता वाली 10 सदस्यीय समिति दोनों मामलों की जांच करने पहुंची।
इसमें विधान परिषद सदस्य अनूप कुमार गुप्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह, उमेश द्विवेदी, मुकेश शर्मा, अरुण पाठक, वागीश पाठक, रमा निरंजन, ऋषिपाल सिंह व मुकुल यादव सदस्य शामिल थे। जनपद शाहजहांपुर से आई समिति की अगवानी के लिए जनपद की सीमा पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस नहीं पहुंची।
वह पांचालघाट पर ही खड़ी रहीं। कलक्ट्रेट सभागार में समिति ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने कहा कि जनपद सीमा पर एंबुलेंस न भेजना प्रोटोकाल की अवमानना है। सदस्यों ने सीएमओ से कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी को जांच कराने के निर्देश दिए।
सड़क की स्थिति संतोषजनक बताई
समिति ने जिले में संचालित सरकार की योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। शिकायतों के मामले में बताया गया कि नगला बाघ से नीबकरोरी तक सड़क की लंबाई चार किमी. है। इसमें तीन किमी सड़क की मरम्मत वर्ष 2023-24 में व एक किमी. सड़क की मरम्मत 2024-25 में कराई जा चुकी है।
सड़क की स्थिति संतोषजनक है। जबकि कायमगंज के गांव सिलसंडा मगटई मार्ग से नगला झम्मन तक 250 मीटर लंबी सड़क का निर्माण मार्च 2019 में कराया गया। यह सड़क भी संतोषजनक है। इस पर याचिका समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि शिकायतों के निस्तारण की रिपोर्ट पहले ही भेज देनी चाहिए थी। सभी योजनाओं का बेहतर तरीके से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। इसके बाद याचिका समिति जनपद कन्नौज के लिए रवाना हो गई।