फर्रुखाबाद। कारोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए सभी मॉल व शापिंग स्टोर बंद करने के आदेश हैं। इसके बावजूद शहर में शापिंग स्टोर खोले जा रहे हैं। वहां लोग खरीदारी करने भी पहुंच रहे हैं। इससे वायरस बढ़ने की आशंका बनी हुई।
शहर में करीब आधा दर्जन से अधिक शॉपिंग स्टोर हैं। इनमें रेडीमेड कपड़े, खाद्य सामग्री, खेल सामग्री आदि बच्चों से लेकर बड़ों को लुभा रही है। कारोना वायरस से बचाव को प्रत्येक व्यक्ति को एक मीटर की दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जा रही है।
हालांकि शापिंग स्टोर में भीड़ होने से इस मानक का पालन नहीं हो पा रहा। इससे वायरस बढ़ने का खतरा बना हुआ है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार से सभी शॉपिंग स्टोर बंद करा दिए जाएंगे।
जिले की स्थिति नियंत्रित, लॉकडाउन की नौबत नहीं
जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में अभी तक कुल पांच लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। पूर्व में तीन लोगों की कारोना वायरस की आशंका में जांच कराई गई थी। उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी। दो नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। फिलहाल अभी जिले की स्थिति नियंत्रण में है।
इससे लॉकडाउन के आसार नहीं बन रहे। उन्होंने यह भी साफ किया कि लॉकडाउन में कोई कर्फ्यू जैसी स्थिति नहीं रहेगी। हर जरूरत की वस्तु मिलती रहेगी। वायरस आगे न बढ़े, इससे लोगों के हित को देखते हुए भीड़ नहीं लगने दी जाएगी।
लोहिया अस्पताल में खुली रहेगी फ्लू कार्नर ओपीडी
लोहिया अस्पताल में मंगलवार से सामान्य ओपीडी की सेवाएं बंद की गई हैं। हालांकि फ्लू कार्नर ओपीडी पूरी तरह चालू रहेगी। इसमें जुकाम, बुखार, खांसी के मरीजों को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक सेवाएं दी जाएंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि बदलते मौसम के चलते इन दिनों जुकाम, बुखार व खांसी के मरीज बढ़े हैं। इससे लोहिया अस्पताल में सामान्य ओपीडी बंद कर दी गई है। जबकि फ्लू कार्नर ओपीडी नियमित चलती रहेंगी।
दिल्ली से लौटे युवक के बीमार होने की सूचना पर हड़कंप
कायमगंज। कोरोना वायरस के खौफ से लोग इस तरह खौफजदा हैं कि किसी भी तरह कोई बीमार हो जाए तो मोहल्ले वालों को पहले ही घबराहट शुरू हो जाती है। इसी तरह मोहल्ला चिलाका में एक युवक दो तीन दिन पहले दिल्ली से लौटा और बीमार हो गया। लोगों ने उसे कोरोना वायरस से पीड़ित समझकर डायल 112 नंबर पुलिस को सूचना दे दी।
पुलिस वहां पहुंची तो युवक ने बताया कि उसके पेट में दर्द हुआ था और निजी चिकित्सक से दवा ले ली और ठीक हो गया। पुलिस उसे घर में ही आराम करने की सलाह देकर चली आई।