फर्रुखाबाद। फर्रुखाबाद महोत्सव में सोमवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा में काव्य रस की गंगा बही। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने भी कवि सम्मेलन में भाग लिया। मंगलवार को पत्रकार सम्मेलन एवं साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन किया गया।
मुकेशानंद ने रचना सुनाई- कोख में मत मारो बेटियों को यह कोख का कर्ज चुकाएंगी, कल्पना चावला बनकर चांद पर हिंद का तिरंगा फहराएंगी। लखनऊ से आई रंजना सिंह ने काव्य पाठ करते हुए कहा कि किसी को कोई कमी न रहे खुशी दे दो इतनी, ऐसी चलाओ अपनी मेहर की हवाएं उड़ जाएं बैर की छटाएं। लखनऊ से आए हास्य कवि भोलानाथ अधीर की रचना कहा क्या बताएं मोना आशिकी के चक्कर में, गम ही गम मिले मुझको इस खुशी के चक्कर में सुनकर श्रोता हंस-हंसकर लोटपोट हो गए।
डा. नरेश कात्यायनी, विनय बाजपेयी, भारती मिश्रा, जमुर्रद बेगम, उपकार मणि उपकार और अनिल मिश्र आदि ने भी काव्य पाठ किया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि फर्रुखाबाद महोत्सव में इतिहास से जुड़ी जानकारियां मिलती हैं। ज्यादा से ज्यादा लोग फर्रुखाबाद महोत्सव में भाग लेकर फर्रुखाबाद के इतिहास के बारे में जानें। इस अवसर पर अध्यक्ष डा. रामकृष्ण राजपूत, एसपी राजेशकृष्ण, नगर मजिस्ट्रेट शिवबहादुर पटेल, तहसीलदार आरपी चौधरी, पवन बाथम, उमर काविस और एजाज वारसी आदि मौजूद रहे।
वहीं, मंगलवार को पत्रकार और साहित्यिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयोजक सर्वेंद्र अवस्थी इंदू, दिल्ली के विधायक अनिल बाजपेयी, जिला सूचना अधिकारी पूरनचंद्र मिश्र, राजगौरव पांडेय और नावेद अल्वी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया।