मुख्य विकास अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी के साथ सोमवार को लोहिया
अस्पताल के एनआरसी वार्ड (पोषण पुनर्वास केंद्र) का निरीक्षण किया। इस
दौरान सीडीओ ने एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सेवा समाप्त करने के निर्देश
दिए। सीडीओ को निरीक्षण में खामियां मिलीं। उन्होंने बताया कि सुधार के
लिए सीएमओ को चिट्ठी भेजी जाएगी।
सोमवार की सुबह सीडीओ एसएन शुक्ल और
जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत कुमार सिंह लोहिया अस्पताल के एनआरसी वार्ड
पहुंचे। यहां मौजूद डा. विवेक सक्सेना को लेकर वार्ड में भर्ती अति कुपोषित
बच्चों के परिवार के लोगों से बात की। इस दौरान थाना नवाबगंज के गांव
खुम्मरपुर निवासी सुनीता देवी पत्नी रामवरन ने बताया कि बेटे बंटी को तीन
दिन पहले अस्पताल में
भर्ती कराया था। बच्चे को देखकर सीडीओ ने जानकारी की
तो पता चला कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्चे के स्वास्थ्य पर
ध्यान नहीं दिया। इस पर सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी अजीत सिंह को
कार्यकत्री की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। वार्ड में भर्ती
अतिकुपोषित भूमि पुत्री मदनमोहन निवासी नेकपुर कला और लवी पुत्री गुड्डू
निवासी कोठी कोतवाली
कायगमंज से भी बात की। लवी की मां ने बताया कि उसे
पंजीरी नहीं दी जाती है। इस पर सीडीओ ने कहा कि पंजीरी लेना उसका अधिकार
है। कोई पंजीरी नहीं देता तो उसकी शिकायत करें। सीडीओ ने मरीजों के
परिजनों को बताया कि छुट्टी होने के बाद बच्चों को ताजा खाना, पानी उबाल कर
देना चाहिए। इसके साथ ही बच्चे की सही से देखभाल करनी चाहिए। बच्चों के
परिजनों को गांव के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की नसीहत दी। उन्होंने
वार्ड का किचन भी देखा। यहां एक ही सिलेंडर
था। रसोइया ने दूसरे सिलेंडर की
मांग की। वाटर कूलर भी नहीं था। टंकी तो है लेकिन पानी की सप्लाई बंद है।
डा. विवेक सक्सेना के स्टाफ नर्स न होने की जानकारी देने पर सीडीओ ने स्टाफ
नर्स दिलाने का भरोसा दिया। सीडीओ ने बताया कि खामियां दूर करने के लिए
सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा।