फोटो-13 लोहिया अस्पताल में पत्नी व राहुल के परिजनों में होता विवाद। संवाद
फर्रुखाबाद। पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। 14 महीने के बाद 15 दिन पहले ही उसकी पत्नी ससुराल आई थी। उनमें ससुराल में न रहने के दौरान पैदा हुई तीन माह की बेटी को लेकर झगड़ा होता था।
पत्नी ने ससुरालियों पर पति को न बचाने का आरोप लगाया। अस्पताल में भी पत्नी और परिजनों में विवाद हुआ। कादरीगेट थाने के मोहल्ला शांतिनगर निवासी राहुल बाथम (27) ने रविवार रात अपने घर में पंखे में साड़ी से फंदा लगा लिया। पड़ोसी भतीजे विजय और पिता सूरजपाल बाथम फंदे से उतारकर उसे लोहिया अस्पताल ले गए। वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
शव मोर्चरी में रखवा दिया। पिता सूरजपाल ने बताया कि राहुल उनका इकलौता बेटा था। रात में बहू रोली और बेटा एक ही कमरे में लेटे थे। दोनों में विवाद हुआ था।
वह और उनकी लकवाग्रस्त पत्नी रूपरानी दूसरे कमरे में थे। राहुल ने फंदा लगाया, मगर बहू ने उनके कमरे में आकर बताने की जरूरत नहीं समझी। बेटे के लटकने के बाद उन्होंने चीखने की आवाज सुनी तो भतीजे की मदद से बेटे को नीचे उतारा। इसके बाद उसकी पत्नी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के सामने बेटे को लोहिया अस्पताल लाया गया।
पिता ने बताया कि बहू 14 माह पहले मायके चली गई थी। 15 दिन पहले जब लौटी तो उसकी गोद में तीन माह की बेटी थी। इसी को लेकर बहू और बेटे में विवाद होता था। दोनों एक दूसरे पर आरोप लगाते थे। राहुल का एक पुत्र वंशू है। इसके अलावा एक बहन नेहा है।
उधर, पत्नी रोली ने ससुरालियों पर फंदा लगाने के बाद देर से आने और पति की जान न बचाने का आरोप लगाया। इसी दौरान अस्पताल में रोली और राहुल के रिश्तेदारों में विवाद हुआ। रोली मारपीट से नाराज होकर 14 महीने पहले मायके चली गई थी। प्रभारी थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि अभी कोई तहरीर नहीं आई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।