फर्रुखाबाद। आग बुझाने के लिए नगर में 18 वर्ष बाद नगर पालिका की ओर से हाईड्रेंट की व्यवस्था की गई है। अभी तक अग्निशमन विभाग की दमकल को आग बुझाने के लिए मुख्यालय से पानी लाना पड़ता था। ऐसे में धनहानि के साथ ही जनहानि की भी आशंका बनी रहती थी।
नगर पालिका सदर क्षेत्र में तीस से अधिक बंबे लगे हुए थे। वर्ष 2005 के बाद नगर क्षेत्र में आबादी बढ़ने के साथ ये बंबे धीरे-धीरे बंद कर दिए गए। क्षेत्र में आग लगने पर पहुंचने वाली दमकल की टीम गाड़ी में पानी खत्म होने के बाद क्षेत्र में कही हाईड्रेंट नहीं होने के कारण वापस मुख्यालय लौट जाती है। इसको लेकर नगर क्षेत्र में कई बार हाईड्रेंट लगवाने को लेकर अग्निशमन विभाग की ओर से जोर दिया गया। वर्ष 2010 के बाद अग्निशमन विभाग को आग बुझाने के लिए छोटे वाहन उपलब्ध करा दिए गए। यह वाहन आग लगने पर क्षेत्र में नाले व तालाब से पानी को पपिंग सेट के माध्यम से मौके पर पहुंचाने का काम करते है। इससे आग बुझाने में सहायता मिलती थी। बड़ी आग होने पर पंपिग सेट का दबाव मौके पर काम नहीं आता है।
नगर पालिका की ओर से टाउनहॉल, गंगानगर नलकूप, तिकुनिया नलकूप, मछली मंडी नलकूप, लिंजीगंज महिला अस्पताल नलकूप, क्रिश्चियन इंटर कॉलेज नलकूप, आवास विकास में पुराने व नए नलकूप पर, नेकपुर चौरासी नलकूप, जिला अस्पताल नलकूप पर, फतेहगढ़ ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम के नलकूप पर हाईड्रेंट लगवाने का दावा किया गया है।
नगर पालिका की ओर से 11 स्थानों पर लगाए गए बंबे का अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। वह सभी हाईड्रेंट पर जांच करके यह सुनिश्चित करेगी कि मौके पर पानी भरा जा सकता है कि नहीं। इसके बाद विभाग की ओर से रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।
नगर पालिका की ओर से 11 स्थानों पर हाईड्रेंट लगवाने की सूची भेजी गई है। अभी तक शहर में कहीं भी हाईड्रेंट की व्यवस्था नहीं थी। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से हाईड्रेंट लगवाने की मांग विभाग की ओर से की गई थी। सभी बंबे का मौके पर जाकर निरीक्षण करवाया जाएगा।
- विजय प्रकाश त्रिपाठी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी