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अधिवक्ताओं ने दुर्व्यवहार आरोप लगा एसडीएम को घेरा

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फर्रुखाबाद। बैनामे की जमीन पर कब्जा करने की शिकायत करने पहुंचे अधिवक्ताओं का एसडीएम सदर से विवाद हो गया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। नोकझोंक के बाद सभागार के बाहर नारेबाजी की।
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पुलिस ने काफी प्रयास के बाद अधिवक्ताओं को शांत किया। अधिवक्ताओं ने माफी न मांगने पर आंदोलन की धमकी दी।
सदर तहसील के अधिवक्ता जितेंद्र सक्सेना ने मोहम्मदाबाद के गांव निसाई में पत्नी के नाम जमीन का बैनामा कराया था। उस पर पांच-पांच फीट नींव भरवा दी। कागजों में भी नाम अंकित हो गया।
पिछली साल ग्राम प्रधान ने ग्रामसभा की भूमि बताकर नींव गिरवा दी। अधिवक्ता न्याय की गुहार लगाते रहे। शनिवार को समाधान दिवस में पीड़ित जितेंद्र सक्सेना तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष अतर सिंह कटियार समेत अन्य साथी अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम से फरियाद करने पहुंचे। किसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता देख एसडीएम के अलावा अन्य अधिकारी सीट से खड़े हो गए।
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मामले की गंभीरता देख मऊदरवाजा थानाध्यक्ष आमोद कुमार सिंह एसडीएम के पास पहुंच गए। तहसीलदार श्रद्धा पांडेय ने वकीलों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया। अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। इसी दौरान एसडीएम संपूर्ण समाधान दिवस से उठकर चले गए। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया।
अधिवक्ता जितेंद्र सक्सेना ने बताया कि एक साल से दौड़ लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने एसडीएम पर प्रधान से मिलकर कब्जा करवाने का आरोप लगाया। कहा कि एसडीएम ने साथियों के साथ भी अपशब्द कहे। यह बर्दाश्त नहीं होगा। एसडीएम ने यदि माफी नहीं मांगी, तो बैठक करके आगे की योजना बनाई जाएगी। एसडीएम से इस संदर्भ में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद जा रहा है।
इस मौके पर बार उपाध्यक्ष ओम प्रकाश दुबे, संयुक्त सचिव विकास सक्सेना, अतुल मिश्रा, पंकज राजपूत, अनुज मिश्रा, उमाशंकर कटियार, अनिल सक्सेना आदि मौजूद थे।
अधिवक्ताओं के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। बातचीत हो रही थी। उन्होंने भूमि की पैमाइश के लिए तीन कानूनगो, लेखपाल और पुलिस की टीम बना दी है। पैमाइश के बाद कार्रवाई होगी। शिकायतकर्ता चाहे, तो आरोपियों पर थाने में मुकदमा लिखा सकते हैं।
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-श्रद्धा पांडेय, तहसीलदार सदर।
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