फर्रुखाबाद। सीएमओ की संस्तुति पर जनपद सोनभद्र स्थानांतरित हुए फार्मासिस्ट को कार्यमुक्त करने के साथ सीएमएस ने महानिदेशक को पत्र भेजकर स्थानांतरण रुकवाने की सिफारिश की। इससे पहले एक माह छह दिन स्थानांतरण आदेश दबा रहा। फिलहाल सीएमओ ने फार्मासिस्ट के पक्ष में एक शब्द भी लिखने से इन्कार कर दिया।
लोहिया अस्पताल में तैनात डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला मंत्री जितेंद्र कुमार का करीब छह माह पहले सीएमओ से विवाद हो गया था। इस पर सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह व पवन कुमार के विरुद्ध महानिदेशक को पत्र भेजकर कार्रवाई की संस्तुति की थी।
इसके चलते चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशक डॉ.बृजेश राठौर ने 30 जून को फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह को प्रशासनिक आधार पर जनपद सोनभद्र के लिए स्थानांतरित कर दिया था। बताया जा रहा है कि यह स्थानांतरण आदेश लोहिया अस्पताल में दबा दिया गया। फार्मासिस्ट पवन कुमार के खिलाफ कार्रवाई न होना भी चर्चा का विषय है।
छह अगस्त को महानिदेशक कार्यालय से अनुस्मारक भेजकर तत्काल प्रभाव से चीफ फार्मासिस्ट संजीव कुमार को चार्ज देकर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए। इस पर सीएमएस ने फार्मासिस्ट जितेंद्र सिंह को कार्यमुक्त करने के साथ स्थानांतरण रुकवाने के लिए अलग से महानिदेशक को पत्र भी लिखा। इसमें फार्मासिस्ट के कार्यप्रणाली की तारीफ कर स्थानांतरण निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि उनके पास फार्मासिस्ट जितेंद्र कुमार का स्थानांतरण रुकवाने के लिए उसके पक्ष में जवाब लिखने के लिए सिफारिशें आईं। वह किसी भी कीमत पर फार्मासिस्ट के पक्ष में नहीं लिखेंगे। सीएमएस ने फार्मासिस्ट का स्थानांतरण रुकवाने की सिफारिश की तो वह उनकी मर्जी।
लोहिया अस्पताल के सीएमएस डा. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि शासन के आदेश पर फार्मासिस्ट को कार्यमुक्त करना भी जरूरी था। काम प्रभावित न हो, इस कारण फार्मासिस्ट का स्थानांतरण निरस्त कराने के लिए पत्र लिखा है।