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Farrukhabad News: सीएमओ की जांच करने पहुंचीं एडी, दर्ज किए बयान

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फर्रुखाबाद। लिपिक के उत्पीड़न के मामले में स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर शुक्रवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य सीएमओ की जांच करने उनके कार्यालय पहुंचीं। वहां एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ व कर्मचारियों को एक-एक बुलाकर बयान दर्ज किए। पीड़ित लिपिक ने भी अपने बयान दर्ज कराए।
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सीएमओ कार्यालय में एनएचएम का पटल देख रहे लिपिक राकेश चंद्रा ने सीएमओ पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाकर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना से 25 सितंबर को शिकायत की थी। इसी के बाद रात में लोहिया अस्पताल परिसर स्थित लिपिक के सरकारी आवास पर सीएमओ पुलिसबल के साथ पहुंचे थे। वहां लिपिक से समझौतापत्र लिखवाकर शासन को भिजवा दिया गया था।
मामले की जानकारी पर स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर निदेशक को जांच एक सप्ताह में आख्या देने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. संजू अग्रवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. जीके मिश्रा टीम के साथ जांच करने सीएमओ कार्यालय पहुंचे।
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उन्होंने सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार, एसीएमओ डॉ.सर्वेश यादव, डॉ. रंजन गौतम, डिप्टी सीएमओ डॉ.आरसी माथुर, लिपिक राकेश चंद्रा को एक-एक कर बुलाकर बंद कमरे में बयान लिए। अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। एडी संजू अग्रवाल ने बताया कि जांच के लिए उन्होंने सभी से पूछताछ कर बयान दर्ज कर लिए हैं। वह शासन को जांच रिपोर्ट सौंपेंगी।
एनएचएम मंडलीय लेखा प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने अभिलेखों की जांच की।


भाकियू नेताओं ने स्वास्थ्य सेवाओं की खोली पोल
फर्रुखाबाद। भाकियू मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा, प्रवक्ता अजय कटियार साथियों के साथ सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एडी संजू अग्रवाल से शिकायत करते हुए कहा कि वह तीन अक्तूबर की शाम मोहम्मदाबाद क्षेत्र के मुड़गांव निवासी घायल मदन को लोहिया अस्पताल ले गए। वहां घाव को बिना साफ किए पट्टी कर दी गई। सही इलाज न होने पर वह निजी अस्पताल ले गए तो घाव खोलने पर उसमें पत्थर के टुकड़े भी मिले। यह भी कहा कि लोहिया अस्पताल में दो बजे के बाद एक्सरे नहीं किए जाते। संविदा पर तैनात डॉक्टर 24 घंटे के अंदर लोहिया अस्पताल का मरीज अपने निजी अस्पताल में भर्ती कर लेते हैं।
उन्होंने आराेप लगाया कि जिले के निजी अस्पतालों में मरीजों को अप्रशिक्षित डॉक्टर एनेस्थीसिया दे रहे हैं। मसेनी चौराहे पर आवासीय भवन में निजी अस्पताल चलाकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पर एडी ने सभी मामले डायरी में नोट कराकर निस्तारण का भरोसा दिया। (संवाद)

सवालों पर घिरीं अपर निदेशक स्वास्थ्य
फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में मौजूद अपर निदेशक स्वास्थ्य संजू अग्रवाल से सवाल किया गया कि जिले में प्रत्येक पीएचसी को एक वर्ष में 1.85 लाख रुपये रखरखाव के लिए बजट मिलता है। जबकि अधिकतर पीएचसी की दशकों से रंगाई-पुताई भी नहीं हुई। शौचालयों में कबाड़ भरा है, बिजली-पानी का भी इंतजाम नहीं हैं। यही हाल कई हेल्थ वेलनेस सेंटरों का है। आखिर बजट कहां जा रहा है। इस पर एडी ने कहा कि टीम भेजी है, जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। सवाल किया गया कि जैम पोर्टल पर 16.50 लाख से अधिक भुगतान नहीं हो सकता, जबकि पोर्टल से 25 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। एडी ने इसकी भी जांच कराने की बात कही। इसके अलावा झोलाछाप व अवैध अस्पताल चलने के सवाल पर उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिया। जांच कमेटी की संस्तुति के बाद भी फार्मासिस्ट के निलंबन न होने के सवाल पर कहा कि प्रक्रिया चल रही होगी। अन्य कई सवाल करने पर एडी बोलीं अभी जिसके लिए आए हैं,वह जांच पूरी कर लेने दीजिए। (संवाद)
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