फर्रुखाबाद। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धमकी व आईटी एक्ट के मुकदमे में लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। फतेहगढ़ कोतवाल को दोबारा विवेचना कराने का आदेश दिया है। विवेचना में घोर लापरवाही बरतने में विवेचक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को आदेश की कॉपी भेजी है।
फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली निवासी अमित कश्यप ने 27 जून 2017 को मोबाइल नंबर के अज्ञात धारक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पीड़ित ने आरोपी पर जान से मारने की धमकी और व्हाट्सएप पर मैसेज भेज कर धमकाने का आरोप लगाया था।
फतेहगढ़ कोतवाली के दरोगा ने विवेचना कर मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित ने अधिवक्ता के माध्यम से फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति लगाई। इसमें कहा कि जिस मोबाइल नंबर से उसे धमकी दी गई उसकी सीडीआर है। जो एसएमएस आए थे उनकी छाया प्रति विवेचक को दी थी।
विवेचक ने मोबाइल से ज्यादा एसएमएस से बात होने के कारण आरोपी का पता न लगने का तर्क देकर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। सुनवाई के बाद सीजेएम ने फाइनल रिपोर्ट खारिज कर फतेहगढ़ कोतवाल को दोबारा से विवेचना कराने का आदेश दिया है। इसमें कहा कि केस डायरी पर जो साक्ष्य संकलित किए गए हैं उसके आधार पर विवेचक द्वारा अपने कर्तव्यपालन में घोर लापरवाही दिख रही है। इस कारण विवेचक पर कार्रवाई आवश्यक है। सीजेएम ने विवेचक पर कार्रवाई के लिए कोर्ट से आदेश की कॉपी एसपी को भेजी है।