मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सड़क हादसे के मुकदमे में लगाई गई फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष को दोबारा विवेचना कराने का आदेश दिया है। कर्तव्य पालन में लापरवाही में विवेचक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसपी को आदेश की काफी भेजी गई है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव जनैया सठैया निवासी महेंद्र सिंह ने नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव राजारामपुर मेई निवासी राजेश राठौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि पिता सत्यवीर 28 अप्रैल 2020 को बाइक से दवा लेने घर से फर्रुखाबाद आ रहे थे।
कटनपुर गांव के पास सामने से बाइक पर आ रहे राजेश राठौर ने पिता की बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पिता गंभीर घायल हो गए और बाइक टूट गई। पिता को एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने पिता को रेफर कर दिया था। इससे उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
इस हादसे के मुकदमे में विवेचक ने दोनों पक्षों में समझौते का उल्लेख कर फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पीड़ित ने कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति लगाई। सीजेएम ने सुनवाई के बाद फाइनल रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
मऊदरवाजा थानाध्यक्ष को दोबारा विवेचना करने का आदेश दिया है। सीजेएम ने आदेश में कहा कि विवेचक ने समझौते के आधार पर अंतिम आख्या पेश की है, जो त्रुटिपूर्ण है।
सीजेएम के आदेश पर कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर मुकदमे के विवेचक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए आदेश की कापी भेजी गई है।