फर्रुखाबाद। गैस सिलिंडरों की होम डिलीवरी में धनराशि हड़पने के मामले में एजेंसी मालिकों पर प्रशासन का शिकंजा कस गया है। इससे उपभोक्ताओं से सिलिंडरों की डिलीवरी के नाम पर हो रही वसूली बंद होगी। साथ ही एजेंसी मालिकों द्वारा हॉकरों को दी जाने वाली धनराशि की जांच की जाएगी।
गैस सिलिंडर की होम डिलीवरी में एजेंसी मालिक मिलीभगत कर खेल कर रहे हैं। वह मुफ्त के हॉकर रखकर घरों में सिलिंडर की आपूर्ति कराते हैं। हॉकर उपभोक्ताओं से ही प्रति सिलिंडर 25 से 30 वसूल करते हैं। वहीं उपभोक्ताओं की पर्ची में शामिल होम डिलीवरी के 27.60 रुपये प्रति सिलिंडर एजेंसी मालिक डकार रहे हैं।
जिले की 55 गैस एजेंसियों से तीन लाख 30 हजार 900 उपभोक्ता जुड़े हैं। दो लाख से अधिक सिलिंडरों की प्रति माह खपत है। इससे करीब 60 लाख रुपये का प्रतिमाह गोलमाल चल रहा है। पूर्ति विभाग की मिलीभगत से चल रहे इस खेल के संबंध में अमर उजाला ने 6 जून के अंक में समाचार प्रकाशित किया। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मामले को संज्ञान में लेकर डीएसओ से जवाब मांगा था। इसी के बाद गैस एजेंसी मालिकों पर शिकंजा कस दिया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य ने एजेंसी मालिकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हॉकरों द्वारा उपभोक्ताओं से सिलिंडर की अधिक धनराशि वसूलने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही एजेंसी मालिकों द्वारा हॉकरों को दी जाने वाली धनराशि की भी जांच कर दोषी एजेंसी मालिकों व हॉकरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि सिलिंडर की अधिक धनराशि वसूलने के मामले में वह सीधे उनके कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। एजेंसियों की जांच के लिए अधिकारियों की टीमें गठित की जा रही हैं। दूसरी ओर एजेंसी मालिकों का कहना है कि जब नियम से काम कराना है तो अधिकारी अपना कमीशन बंद करें।