फर्रुखाबाद। आबकारी व खनन विभाग में अनियमितता मिलने पर निरीक्षण करने आए मंडलायुक्त भड़क गए। उन्होंने पाया कि खनन निरीक्षक ने 15 माह से स्थलीय निरीक्षण नहीं किया। इस पर फटकार लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं स्टेडियम में हो रहे निर्माण कार्य की टीएसी जांच कराने के निर्देश दिए।
कानपुर मंडल आयुक्त डॉ.राजशेखर शनिवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने ब्रह्मदत्त द्विवेदी स्टेडियम में पांच करोड़ 14 लाख की लागत से हो रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
वेटलिफ्टिंग हाल के निर्माण की गुणवत्ता की जांच टीएसी से कराने के निर्देश दिए। इसके बाद आबकारी विभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने शराब के थोक विक्रेताओं की तीन फाइलें चेक कीं।
इसमें पाया कि आवेदकों द्वारा दिखाए गए स्टाक पर आबकारी निरीक्षक ने बिना स्थलीय निरीक्षण किए अपनी रिपोर्ट लगा दी। यह देख मंडलायुक्त ने जमकर फटकार लगाई।
कहा कि इस अनियमितता पर निलंबन की कार्रवाई बनती है। खनन विभाग में पहुंचने पर अभिलेखों की गहनता से जांच की। पट्टे वाले दो बालू खनन स्थल की मौके पर जांच की स्थिति के बारे में पूछा तो खनन निरीक्षक कुछ बता नहीं सके।
गहराई से पूछताछ में पता चला कि 15 माह से खनन निरीक्षक मौके पर गए ही नहीं। मंडलायुक्त ने फटकार लगाते हुए कहा कि जिले में बालू का अवैध खनन हो रहा है। 10 मामले पकड़े जाने के बावजूद स्थलीय निरीक्षण न करना कुछ और इशारा कर रहा है।
इससे पूर्व उन्होंने आईजीआरएस पटल देखकर शिकायतकर्ताओं को फोन कर जानकारी ली। शस्त्र लाइसेंस पटल पर निरीक्षण के दौरान नवीनीकरण प्रक्रिया में शिथिलता मिली।
उन्होंने कई वर्षों से नवीनीकरण न कराने वाले शस्त्रधारकों के बारे में संबंधित थानों से रिपोर्ट लेकर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने पत्रकारों को बताया कि कोरोना महामारी के चलते चार-पांच माह से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। उनमें तेजी लाकर लक्ष्य पूरा करने के लिए शासन के निर्देश पर जनपदों में निरीक्षण चल रहा है।
उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग व खनन विभाग के कार्य संतोषजनक नहीं पाए गए। जिलाधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मनरेगा के कार्य ठीक हैं। उपनिदेशक की जांच में मनरेगा में फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पूरे जिले की समीक्षा की जाती है।