मोहम्मदाबाद। बंद हो चुकी सरिया फैक्टरी के मुनीम व चालक ने दस लाख रुपये हजम करने के लिए अपने तीन साथियों के साथ मिलकर लूट की कहानी रच डाली। शाम को पुलिस को इटावा-बरेली हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर के पास लूट होने की सूचना दी। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो सच्चाई खुल गई। पुलिस अब उनके तीन साथियों की तलाश में जुटी है।
जनपद मथुरा के वृंदावन निवासी संदीप गौतम फिरोजाबाद के शिकोहाबाद स्थित जीएबी स्टील प्राइवेट लिमिटेड नौसारा में मुनीम है। यह फैक्टरी कुछ समय पूर्व बंद हो चुकी है। मंगलवार संदीप गौतम कार से फर्रुखाबाद सरिया के रुपये वसूल करने आया था। उसकी कार जनपद मैनपुरी के कस्बा घिरोर निवासी शिव कुमार चला रहा था। दोनों ने पहले ही वसूली की रकम हजम करने की योजना बना ली थी। उन्होंने तीन अन्य युवकों को भी शामिल किया।
जब दोनों दोपहर करीब ढाई बजे सेंट्रल जेल चौराहा स्थित दुकान से रुपये लेकर वापस शिकोहाबाद जा रहे थे, तब मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में इटावा-बरेली हाईवे पर खाटू श्याम मंदिर के पास लूट होने की सूचना दी। पुलिस ने छानबीन की तो दोनों बार-बार बयान बदलने लगे। उन्होंने लूट का समय ढाई बजे पुलिस को बताया, जबकि सूचना शिव कुमार ने शाम को साढ़े चार बजे दी। इससे पुलिस का शक गहरा गया।
पुलिस दोनों को कोतवाली ले गई। वहां एएसपी गिरीश कुमार सिंह ने पूछताछ की तो वह टूट गए और बताया कि उन्होंने रुपये हड़पने के लिए अपने तीन अन्य साथियों के साथ लूट की कहानी रची थी। कार में रखा दस लाख रुपये से भरा बैग वही बाइक सवार तीन साथी ले गए हैं। तीनों युवक भी गैर जनपद के बताए जा रहे हैं। जानकारी मिलने पर फैक्टरी मालिक भी पहुंच गए। वह भी पुलिस को सही जानकारी नहीं दे सके कि कितने रुपये की वसूली कर ये लोग वापस जा रहे थे।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि मुनीम व चालक के तीनों साथियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर रुपये बरामद कर लिए जाएंगे।