शिक्षक पदों पर समायोजित हुए शिक्षामित्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के
सत्यापन की रिपोर्ट आनी शुरू हो गई है। इनमें फर्जी अंकपत्र से शिक्षामित्र
बनने का खुलासा होने लगा है। हाईस्कूल और इंटर के शैक्षिक प्रमाण पत्र
फर्जी निकलने पर एक शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई दूसरे पर सेवा समाप्ति
की तलवार लटकी है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक पदों पर
समायोजित हुए शिक्षामित्रों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे
थे। प्रमाण पत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट आने लगी है। शिक्षामित्रों ने
फर्जी अंकपत्रों के माध्यम से शिक्षामित्र पदों पर चयन कराया था। अब इनकी
पोल खुलना शुरू हो गई है। दो शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी होने
की रिपोर्ट आई है। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि
गैसिंगपुर निवासी शिक्षामित्र दीपचंद्र का शिक्षक के पद पर समायोजन हुआ था।
इनकी
तैनाती प्राथमिक विद्यालय जटवारा में की गई थी। शिक्षक दीपचंद्र के
शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। शिक्षक की संविदा समाप्त कर दी गई है।
इनके खिलाफ रिपोर्ट लिखाने का आदेश बीईओ को दिया है। शिक्षक से अभी तक
प्राप्त किए गए वेतन और शिक्षामित्र रहने के दौरान प्राप्त किए गए मानदेय
की रिकवरी की जाएगी। नवाबगंज के गांव कुतबुद्दीनपुर निवासी शिव
कुमार की
पत्नी सुषमा देवी के शैक्षिक प्रमाण पत्र भी सत्यापन में फर्जी निकले हैं।
शिक्षिका सुषमा देवी को सेवा समाप्ति संबंधी नोटिस दिया गया है। शिक्षिका
की सेवा समाप्ति कर वेतन और मानदेय की वसूली की जाएगी। बीएसए ने बताया कि
दूसरे का अंकपत्र लगाकर शिक्षामित्र पद पर चयन कराया था।