जिले में संक्रामक रोगों ने पांव पसार लिए हैं। डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को ओपीडी (8-2 बजे) में तीन डॉक्टरों ने 600 मरीज देखे। यानि एक मरीज का हालचाल पूछने, जांचने, दवाई लिखने, दवाई समझाने के लिए डॉक्टर के पास डेढ़ मिनट का ही समय है।
शुक्रवार को बुखार से पीड़ित 75 रोगियों के खून का नमूना लेकर जांच की गई। जांच में दो लोगों को मलेरिया और 70 लोग वायरल से पीड़ित मिले। वहीं, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण सैकड़ों रोगियों को उल्टे पांव लौटना पड़ा। लोहिया अस्पताल में फिजीशियन के पद पर कार्यरत डॉ. अशोक कुमार का शुक्रवार सुबह ऑफ होता है।
की गुरुवार को नाइट होने के कारण सुबह उनका आफ रहता है। शुक्रवार को लोहिया अस्पताल में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होकर 850 रोगियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। यहां
मौजूद डॉक्टर एसपी सिंह, डॉ. मनोज कुमार और डॉ राजेश तिवारी ने करीबन 600 मरीज ही देखे।
200 को बिना दवा लिए बैरंग लौटना पड़ा। खून की जांच में राममूर्ति पुत्र लालाराम निवासी हुसैनामहमूदपुर और शाहरुख पुत्र इब्राहिम अल्हापुर शाहजहांपुर को मलेरिया से पीड़ित पाया गया। तीन लोगों की खून की जांच की गई, जिनमें डेंगू नहीं पाया गया।