खाना बनाते समय शनिवार देर शाम गैस सिलेंडर में आग लगने से परिवार में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल के देर से पहुंचने पर मोहल्ले वालों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की। जैसे-तैसे लोगों को शांत कर दमकल कर्मियों ने आग बुझाई।
शहर कोतवाली के मोहल्ला मनिहारी निवासी डा. महेंद्र सिंह के मकान में वीरेंद्र त्रिवेदी उर्फ वीरे किराए पर रहते हैं। वीरेंद्र छपाई का काम करते हैं। शनिवार को वीरेंद्र की बेटी रुचि और दामाद शरद आए थे। वीरेंद्र की मां गुड्डी देवी दामाद और बेटी के लिए देर शाम खाना बना रही थीं।
इस दौरान गैस पाइप के लीकेज होने पर गैस सिलेंडर में आग लग गई। आग लगी देखकर गुड्डी देवी शोर मचाकर बाहर निकर्ल आइं। इतने में आग धूं-धूं कर जलने लगी। परिवार के लोग मकान से बाहर निकल आए। इस दौरान दामाद आग की चपेट में आकर झुलस गया।
आनन-फानन में दामाद को प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। वहीं मोहल्ले के लोग आग बुझाने में जुट गए। कच्चा मकान होने के कारण दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसकी सूचना फायरब्रिगेड को दी गई। सूचना के बाद काफी देर तक फायरब्रिगेड नहीं पहुंची तो लोगों में गुस्सा पनप उठा।
र से पहुंची दमकल को देख मोहल्ले वालों ने दमकलकर्मियों को घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सकरी गली होने के कारण दमकल उसमें नहीं पहुंच पाई। इस बीच छोटी गाड़ी से आग बुझानी शुरू कर दी गई। इस आग में वीरेंद्र का घरेलू सामान, नकदी और जेवर जल गए।