फर्रुखाबाद। लाखों रुपये का कर्ज होने से परेशान एक हलवाई ने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह जानकारी होने पर दरवाजा तोड़कर शव उतारा गया।
पत्नी ने पुलिस को बताया कि साहूकार दरवाजे पर गाली गलौज करते थे। शुक्रवार रात फोन पर एक साहूकार ने धमकी थी। शहर कोतवाली के मोहल्ला इस्माइलगंज सानी निवासी विनोद गुप्ता (55) शुक्रवार रात मकान के बाहर की तरफ बने कमरे में अकेले सोए थे। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब पत्नी संध्या ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब न आने पर उन्होंने खिड़की खोलकर देखा तो वह फंदे पर लटके थे।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे परिजनों ने दवराजा तोड़कर शव को नीचे उतारा। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी राजीव पांडेय, दरोगा राजीव चौधरी मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। पत्नी संध्या ने बताया कि पति पर लाखों रुपये का कर्ज था। हालांकि कर्ज कितना था, इसकी जानकारी पति ने कभी नहीं दी। इसे लेकर साहूकार आए दिन दरवाजे पर आकर गाली गलौज करते। कई बार उठाकर ले जाने की धमकी भी दी गई।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात एक साहूकार का फोन आया था। उसने काफी देर तक पति को हड़काया था। इसी से दुखी होकर उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी। उनके तीन पुत्र विनोद, अजय और मयंक हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।