फर्रुखाबाद। रविवार को सिकत्तरबाग में शहर पालिका सीट से चेयरमैन की दावेदार भाजपा उम्मीदवार माला पारिया के चुनाव कार्यालय का पूजन के साथ शुभारंभ हुआ। यहां भाजपा नेताओं ने पालिका के पूर्व अध्यक्षों पर जमकर आरोप लगाए। विधानसभा चुनाव में बिखरी भाजपा उद्घाटन के मौके पर एकजुट दिखाई दी।
मिथलेश अग्रवाल ने फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया। मेजर सुनीलदत्त द्विवेदी, भूदेव राजपूत, सुशील शाक्य व सत्यपाल सिंह ने नारियल फोडा़। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील शाक्य ने कहा कि विकास के नाम पर छल किया गया। इसके अलावा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने यहां तक कह दिया कि सामानों की खरीद में कमीशनबाजी हुई है। कहा कि पालिक ा में खरीददारी के मामलों में खूब कमीशनबाजी हुई । शहरियों के पैसे को तबाह किया गया है। इंटरलाक सड़कों के निर्माण को एक ही जगह से ईंट खरीदी गईं। कागजों में इसका मालिक दूसरा है, असल में मालिक कोई और है। 1करोड़ 60 लाख की लाइटों की खरीद में 60 फीसदी कमीशन लिया गया। जनता के पैसे से लोगों ने महल बनवा लिए। माला पारिया की जीत के बाद सबका हिसाब लिया जाएगा।
सुनील दत्त द्विवेदी ने कहा कि पिछले 15 सालों से शहर का विकास ठप है। समस्याएं बढ़ गई हैं। पालिका की नुमाइंदगी करने वालों ने कुछ भी नहीं किया। शहर की तस्वीर बदलने के लिए माला पारिया को जिताएं। विधानसभा चुनाव की हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी है। शहर का भविष्य इस रिट पर टिका हुआ है। मिथलेश अग्रवाल ने कहा कि फर्रुखाबाद को आदर्श पालिका बनाने के लिए माला पारिया की जीत पक्की करें। भूदेव राजपूत ने कहा कि माला पारिया की शहर में अपनी पहचान है। उनकी जीत से शहर में विकास के रास्ते खुल जाएंगे। माला पारिया ने कहा कि शहर बदहाल हो चुका है। विकास व समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कमल खिलाना होगा।
इस मौके पर बार अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव, आशीष पारिया,रमेश चंद्र त्रिपाठी, भैयालाल मिश्रा, सुमन राठौर, ममता सक्सेना, रवींद्र प्रताप गुड्डे, गरूदेव यादव, भास्कर दत्त द्विवेदी, प्रियांशु दत्त द्विवेदी, सदानंद शुक्ला, अरूण प्रकाश तिवारी ददुआ,अशोक वर्मा,धीरेंद्र वर्मा,फूलचंद्र शाक्य,कैलाश राजपूत, मीरा सिंह, प्रदीप सक्सेना, अमित पाठक, सुरेंद्र पांडे, ठकुरी पांडे, पीएन सक्सेना, दिलीप भारद्वाज, प्रभात अवस्थी, ज्ञानेश गौड़, रामनरेश शुक्ला, अवधेश दीक्षित,आशुतोष अवस्थी, अजय त्रिवेदी, आदेश अवस्थी, विश्राम सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन दिनेश कटियार ने किया।