मोहम्मदाबाद। शनिवार की देरशाम आई तेजी आंधी के दौरान रूपनगर के तीन घरों में भीषण आग लग गई। इससे बस्ती के लोगों में भयंकर अफरा तफरी मचने के साथ भगदड़ हो गई। शोर शराबे के बीच महिलाएं बच्चे सहम गए तो आसपास के गांव के लोग आकर आग बुझाने में जुट गए। सैकडों लोगों की जीवटता ने विकराल लपटों को आगे नहीं बढ़ने दिया। रेत मिट्टी और पानी डालकर लोगों ने खुद ही आग पर काबू पा लिया जबकि तीन घरों की सभी सामग्री आग में जलकर राख हो गई। उधर नवाबगंज क्षेत्र में भी मोहम्मदाबाद रोड पर स्थित नर्सरी में भी आग लग जाने से सैकडों पौधे स्वाहा हो गए।
बताया जाता है कि रूपनगर निवासी शैलेष जाटव के घर में शनिवार की शाम खाना बन रहा था तभी अचानक आंधी आ गई। हवा में ही चूल्हे की चिंगारी उड़ी और कुछ फासले पर रहने वाले कश्मीर सिंह यादव के घर छप्पर में जा गिरी। इससे कश्मीर सिंह का छप्पर जलने लगा। उधर शैलेष जाटव की रसोई में भी आग लग जाने से खाना बना रही महिला निकलकर चीखते हुए बाहर भागी। आंधी भी चलती रहने के कारण आग ज्यादा भड़क गई। शैलेष और कश्मीर सिंह का घर आग की चपेट में पूरी तरह से आ गया तो मोहल्ले में हड़कंप मच गया। हवा के झोंकों से आग बस्ती में फैलने की संभावना के मद्देनजर लोग घबरा गए। महिलाएं और बच्चों को बाहर निकालकर खुले मैदान में कर दिया गया। उधर आस पडोस के लोग नलों, हैंडपंप से पानी लाकर आग पर फेंकने लगे। कुछ लोगों ने मिट्टी और घरों से रेत भी उठाकर आग पर फेंकना शुरू कर दिया। जबकि मौके से ही इसकी जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। आग बुझा रहे लोगों की घबराहट तब और बढ़ गई जब लपटों ने कश्मीर सिंह के पास में रहने वाले बृजराज श्रीवास्तव के घर को भी चपेट में ले लिया। एक साथ तीन घरों में धू-धूकर उठती लपटों से बस्ती में भगदड़ मच गई। आसपास के लोग अपने घरों को लेकर चिंतित हो गए। इस बीच फसरिया और जिलयानी गांव के लोग भी रूपनगर वालों के साथ आग बुझाने में जुटे रहे और लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों ही घरों की आग को बुझा लिया गया। इन तीनों ही घरों में बिस्तर, कपड़े, अनाज, बर्तन, बक्से के अलावा कुछ नगदी और जेवर भी जल गए। हालांकि समाचार लिखे जाने तक हुए नुकसान का आंकलन मौके पर नहीं किया जा सका था।
उधर, नवाबगंज क्षेत्र के मोहम्मदाबाद रोड पर स्थित नर्सरी में भी आंधी के दौरान आग लग गई। बांसमई स्थित वन विभाग की नर्सरी के पास ही एक किसान ने कूड़े के ढेर को समाप्त करने के लिए उसमें आग लगाई थी तभी हवा चलने लगी और चिंगारी उड़कर नर्सरी में इधर उधर पड़ी सूखी पत्तियों में जा लगी और वहीं से आग भड़क गई। नर्सरी में लगे सभी पौधे उस आग की चपेट में आ गए। आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने हैंडपंप और ट्यूबवेल से पानी लाकर आग पर फेंका। काफी देर बाद आग पर काबू पाया जा सका।