फर्रुखाबाद। दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा होने और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उसे मुक्त न कराए जाने से नाराज वृद्ध महिला ने धरने के दूसरे दिन अचानक अनशन शुरू कर दिया अन्न त्याग दिया। न्याय की आस में अंगूरीबाग की निवासी वीरवती देरशाम तक अधिकारियों की चौखट पर बैठी रही। समर्थन में बेटी दामाद भी आ गए। अनशन का कारण जानने पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह उनके क्षेत्र का मामला नहीं है इसे एसडीएम देखेंगे। लेकिन धुन की पक्की महिला ने अपने अनशन के बलबूते ही लड़ाई काफी हद तक जीत ली।
रात में उसके पास पहुंचे एसडीएम सदर ने वहीं से पुलिस को फोन कर निर्देश दिया कि शनिवार को जमीन से दबंगों का अवैध कब्जा हटवाएं। कब्जेदार नहीं मानते तो उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज करें। एसडीएम ने इसके बाद कोल्डड्रिंक मंगाकर महिला को पिलाया और पूरे परिवार को संतुष्ट कर घर भेजा।
अंगूरीबाग की निवासी वीरवती का कहना है कि उसकी जमीन पर ग्राम नेकपुर कलां निवासी रामदास, रामफल और अन्य लोगों ने टीन शेड लगाकर कब्जा कर रखा है। तहसील स्तर से पहले जमीन पर कब्जे की जांच हो चुकी है। तहसील की रिपोर्ट के आधार पर अभी तक किसी सक्षम अधिकारी ने पुलिस फोर्स भेजकर दबंगों से जगह खाली नहीं करवाई। वीरवती का कहना है कि जिला प्रशासन और तहसील के अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं। आरोप लगाया कि तहसीलदार ने इसे पुलिस का काम बताकर पल्ला झाड़ लिया। वह लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर रही है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। इसी बात से नाराज होकर वह अनशन पर बैठ गई है।
वृद्ध महिला वीरवती की बेटी दामाद भी शुक्रवार को उसके समर्थन में आ गए और अनशन में शामिल हो गए।। वीरवती कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता वह कुछ खाना नहीं खाएगी। दोपहर में उसके पास सिटी मजिस्ट्रेट भगवानदीन वर्मा पहुंचे। और कहा कि परिवार अपने घर जाए समस्या का समाधान करवाया जा रहा है। लेकिन वीरवती अपनी जिद पर अड़ी रही। कहा कि जमीन से अवैध कब्जा जब तक नहीं हटेगा वह कलेक्ट्रेट नहीं छोड़ेगी। दोपहर में ही सदर के तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां कब्जे की स्थिति देखी।
इसके बाद लौट गए। रात करीब आठ बजे एसडीएम सदर अरुण कुमार अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने महिला से पूरी जानकारी ली फिर फोन करके पहले लेखपाल से बात की फिर संबंधित थानाध्यक्ष से बात किया। निर्देश दिया कि शनिवार को पुलिस फोर्स लेकर मौके पर जाएं और जमीन से अवैध कब्जा हटवाएं।
साथ ही उन्होंने कहा कि कब्जेदार अगर कब्जा नहीं हटाता तो उसका सामान मलवा आदि फेंकवा दें और मुकदमा भी दर्ज करें। इसके बाद एसडीएम ने वीरवती को कोल्ड ड्रिंक पिला कर उसका अनशन खत्म कराया और परिवार को संतुष्ट कर घर भेजा।