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30 फीट गहरे खड्ड में गिरा सांड़

Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
Farrukhabad
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कंपिल। कंपिल में महाभारतकालीन टीले पर चल रहे उत्खनन में दल की लापरवाही से खुले पड़े गहरे गड्ढे बच्चों व मवेशियों के लिए बवाले जान बन गये है। मंगलवार रात एक सांड़ तीस फिट गहरे गड्ढे में गिर गया। सूचना मिलने पर उत्खनन दल ने सांड़ को बाहर निकालने के लिए दो मजदूरों को गड्डे में मिट्टी भरने के काम पर लगा दिया। खुदाई को लेकर बरती जा रही लापरवाही से लोगो में रोष व्याप्त है। समाचार लिखे जाने तक साड़ को नहीं निकाला जा सका था। वहीं एसडीएम में घटना की जानकारी से इनकार किया है। उधर, अंधेरा होने के कारण गढ्ढे में मिट्टी भरने का काम बंद कर दिया। अब गुरुवार की सुबह साड़ को निकालने का प्रयास होगा।
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लखनऊ विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास एवं भारतीय पुरातत्व विभाग की रिसर्च टीम की ओर से पिछले एक वर्ष से प्राचीन टीले पर खुदाई कार्य कराया जा रहा है। कंपिल के प्राचीन इतिहास को उजागर करने के लिए टीम ने करीब दर्जन भर स्थानों पर स्टे्रंचे लगायी। कई स्थानों पर टीम ने करीब चालीस फिट गहराई तक खुदाई की। यह गड्ढे जगह-जगह पर खुले पड़े हैं। गड्ढे खुले पड़े होने से इनमें बच्चों आदि के गिरका खतरा हमेशा बना रहता है। मंगलवार शाम टीले पर घूम रहा सांड़ अमलेश शाक्य के खेत में बने तीस फिट गहरे गड्ढे में गिर गया। सुबह उसके रंभाने की आवाजों पर ग्रामीणों को पता चला तो मौके पर भीड़ जुट गई। खुदाई दल की लापरवाही पर लोगों में रोष फैल गया। जानकारी मिलने पर दल के इंचार्ज प्रो. डीपी तिवारी ने शाम तक सांड़ को बाहर निकलवाने का आश्वासन दिया। गंगाराम बाल्मीकि ने बताया कि टीम दाखौली सैय्यद बाबा की मजार के पास खुदाई करा रही है। जबकि यह गड्ढा एक माह से खुला पड़ा है। कई बार कहने के बाबजूद टीम ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। टीम की ओर से दोपहर दो मजदूर सुनील व संजय को गड्ढे में मिट्टी भरने के काम पर लगाया गया। इस संबंध में एसडीएम डा. महेंद्र मिश्र का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी किसी ने नहीं दी है।
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